रुद्रपुर: एसटीएफ ने 19 किलो चरस के साथ तीन तस्करों को दबोचा 

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

रुद्रपुर, अमृत विचार। कुमाऊं एसटीएफ ने अंतर्राज्यीय मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से भारी मात्रा में चरस बरामद की गई। बरामद की गई चरस की कीमत लाखों में आंकी गई है। तस्कर पर्वतीय इलाकों से चरस खरीदकर वहां के क्षेत्रों में सप्लाई करते थे।

गुरुवार को एसएसपी एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने बताया कि सीओ एसटीएफ कुमाऊं सुमित पांडे एवं प्रभारी निरीक्षक एसटीएफ एमपी सिंह को खबर मिली कि गढ़वाल के थराली इलाके में अंतर्राज्यीय तस्कर भारी मात्रा में चरस की सप्लाई करने की फिराक में हैं।

इसकी सूचना मिलते ही दोनों अधिकारियों ने एक टीम का गठन कर चार जनवरी की देर रात चमोली गढ़वाल के थाना थराली के देवाल इलाके में दंबिश देकर हुकुम सिंह दानू निवासी गांव भराकाने कपकोट बागेश्वर, अनिल सिंह रावत निवासी गांव चिकोली वन लेख कपकोट और चंचल सिंह निवासी पढ़ाईगौर खेत कपकोट बागेश्वर को गिरफ्तार कर लिया। जिनके कब्जे से 19 किलो अवैध चरस बरामद की गई।

बताया कि गया कि बरामद चरस की कीमत 95 लाख आंकी गई है। चरस तस्कर थराली एवं बागेश्वर के सुदूर इलाकों में चरस की सप्लाई करते थे। एसटीएफ ने थाना थराली थाने में पकडे़ गए आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएफ का मुकदमा पंजीकृत करवाकर पुलिस के सुपूर्द कर दिया है।

एसटीएफ आरक्षी की रही अहम भूमिका 
अंतर्राज्यीय चरस तस्करों की धरपकड़ में एसटीएफ के आरक्षी की अहम भूमिका रही। एसएसपी एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने बताया कि जब एसटीएफ को खबर मिली कि भारी मात्रा में चरस की खरीद फरोख्त हो रही है तो सबसे पहले एसटीएफ के सिपाही वीरेंद्र सिंह चौहान को सुरागरसी एवं पतरसी के लिए भेजा गया। जिसके बाद सिपाही ने पहले तीनों तस्करों के नाम व पतों की तस्दीक की और बाद में तीनों की सही लोकेशन निकालकर आला अधिकारियों को सूचित किया। जिसके बाद ही तीनों को गिरफ्तार किया गया।

गढ़वाल-कुमाऊं में खड़ा कर रहे थे अपना नेटवर्क
कुमाऊं की एसटीएफ द्वारा दबोचे गए तीन चरस तस्करों के पास से बरामद भारी मात्रा में चरस पकड़े जाने के बाद एसटीएफ ने दावा किया है कि तीनों ही तस्कर कुमाऊं और गढ़वाल के सुदूरवर्ती  इलाकों में अपना नेटवर्क खड़ा कर रहे थे। तीनों तस्कर बागेश्वर थाना कपकोट के रहने वाले हैं और चरस तस्करी का गोरखधंधा गढ़वाल चमोली के थराली के गावों से कर रहे थे। पूछताछ में पता चला है कि वह कुमाऊं के युवाओं को चरस इकठ्ठा करवाते थे। 

संबंधित समाचार