बरेली: कोई तो है बचाने वाला, टीम के आने से पहले अल्ट्रासाउंड केंद्र पर लटका मिला ताला
फतेहगंज पश्चिमी में निरीक्षण को स्वास्थ्य टीम पहुंची, मगर खाली हाथ लौटना पड़ा
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बरेली, अमृत विचार। जिले में झोलाछापों पर नियंत्रण और अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर कार्रवाई करने को स्वास्थ्य विभाग ने प्लानिंग तो कर रखी है, लेकिन अनियमितताएं पकड़ने को जब विभागीय टीम देहात क्षेत्र में छापेमारी को निकलती है तो इसकी सूचना लीक हो जाती है। टीम के पहुंचने से पहले ही कार्रवाई से बचने को संचालक सेंटर पर ताला डालकर रफू चक्कर हो जाते हैं। शनिवार को भी ऐसा ही हुआ।
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दरअसल, पीसी-पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डा. हरपाल सिंह टीम के साथ फतेहगंज पश्चिमी स्थित जनता अल्ट्रासाउंड सेंटर पहुंचे तो यहां ताला लटका मिला। स्थानीय लोगों से जब टीम ने सेंटर बंद होने संबंधी जानकारी ली तो पता चला कि टीम के आने से कुछ समय पूर्व ही संचालक ने सेंटर को बंद किया था।
इस वजह से टीम को बैरंग लौटना पड़ा। इससे एक बात तो साफ है कि विभाग में कोई तो ऐसा है तो टीम के मूवमेंट की सूचनाएं रखता है, जो इसे लीक कर रहा है। टीम कार्यालय में बैठकर छापे की प्लानिंग बनाती है तो उससे पहले जिस क्षेत्र में टीम का जाना है, वहां सूचना पहुंच जाती है।
झोलाछाप,अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर और लैब संचालित करने वाले पहले से ही अलर्ट हो जाते हैं। कुछ दिन पहले टीम ने फरीदपुर में कई अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर छापेमारी की थी। इस दौरान अप्रशिक्षित स्टाफ मिला था। कई सेंटरों को सील किया गया था। जिम्मेदारों को पता था कि सेंटर कौन संचालित कर रहा है, मगर रिपोर्ट में सेंटर के संचालक का नाम नहीं खोला गया था। यानी उसे बचाने का काम किया गया था।
जनता अल्ट्रासाउंड की शिकायत पूर्व में मिली थी। शनिवार को जब यहां निरीक्षण करने पहुंचे तो सेंटर पर ताला लटका हुआ था। दोबारा औचक निरीक्षण किया जाएगा---डा. हरपाल सिंह, नोडल अधिकारी, पीसी-पीएनडीटी।
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