सरकार को तस्करी के खिलाफ वैश्विक स्तर पर अभियान चलाना चाहिए: रिपोर्ट

Amrit Vichar Network
Published By Amrit Vichar
On

नई दिल्ली। थिंक चेंज फोरम (टीसीएफ) की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार को तस्करी के खिलाफ वैश्विक स्तर पर अभियान चलाना चाहिए और इस तरह के अवैध कारोबार पर रोक लगाने से विश्व को सालाना करीब 31 अरब अमेरिकी डॉलर की आय हो सकती है।

ये भी पढ़ें - चावल पसंद करने वाले हाथी का केरल के गांव में कहर, किया राशन की दुकान को तबाह 

थिंक टैंक टीसीएफ की रिपोर्ट में कहा गया है कि अवैध कारोबार को खत्म करने से सरकारों को हर साल कम से कम 31.3 अरब अमेरिकी डॉलर का लाभ होगा और 2030 के बाद से हर साल समय से पहले होने वाली 1,64,000 से अधिक मौतों को टाला जा सकेगा। इसमें कहा गया है कि भारत तस्करी के उत्पादों का सबसे बड़ा उपभोक्ता है और इससे देश को हर साल भारी राजस्व का नुकसान होता है।

इसलिए, इस मुद्दे पर भारत को नेतृत्व करने और वैश्विक मंच पर समन्वय करने की आवश्यकता है क्योंकि उपभोक्ता राष्ट्र होने के कारण भारत को अन्य देशों की तुलना में राजस्व के मोर्चे पर अधिक नुकसान होता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, तम्बाकू उत्पादों के अवैध कारोबार के कारण सरकारों को हर साल 40.5 अरब अमेरिकी डॉलर के राजस्व का नुकसान होता है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि तस्करी को वैश्विक विमर्श का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने के लिए, सरकार के विभिन्न हिस्सों- विदेश मंत्रालय, वित्त मंत्रालय और कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय-को एक साथ मिल कर काम करने की आवश्यकता है। विकसित देशों की अपेक्षा विकासशील देशों के लिए तस्करी एक बड़ी चुनौती है। अधिकतर वैश्विक ब्रांडों के स्वामी विकसित देशों के हैं और वे तस्करी की तुलना में नकली उत्पादों को लेकर अधिक चिंतित हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस महीने की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंदौर में 17वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा था कि वैश्विक मंच पर भारत की आवाज सुनी जा रही है और लोग भारत की ओर उम्मीद एवं उत्सुकता से देख रहे हैं।

ये भी पढ़ें - गोवाः पूर्व मंत्री ने महादयी नदी पर कर्नाटक के रुख को लेकर उसकी तुलना की दुर्योधन से 

संबंधित समाचार