गूगल की मदद से बच्चे सीखेंगे हिन्दी-अंग्रेजी बोलना

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शाहजहांपुर, कुमार सौरभ। परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राएं गूगल की मदद से हिन्दी-अग्रेजी बोलना सीखेंगे। मौखिक पाठन में सुधार लाने के लिए, गूगल के साथ पार्टनरशिप की गई है। रीड एलांग एप्लीकेशन के जरिए बच्चों के पढ़ने के कौशल में सुधार लाना इसका उदेश्य है। इस ऐप के माध्यम से शिक्षक और अभिभावक बच्चों के साथ …

शाहजहांपुर, कुमार सौरभ। परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राएं गूगल की मदद से हिन्दी-अग्रेजी बोलना सीखेंगे। मौखिक पाठन में सुधार लाने के लिए, गूगल के साथ पार्टनरशिप की गई है। रीड एलांग एप्लीकेशन के जरिए बच्चों के पढ़ने के कौशल में सुधार लाना इसका उदेश्य है। इस ऐप के माध्यम से शिक्षक और अभिभावक बच्चों के साथ पढ़ने का अभ्यास कर सकते है।

मिशन प्रेरणा के तहत बच्चों के हिन्दी व अंग्रेजी भाषा कौशल को सुधारने के लिए विभाग ने व्यवस्था बनाई है। इसके लिए गूगल के सहयोग से रीड एलांग एप्लीकेशन तैयार किया गया है। इस एप की मदद से बच्चों को सटीक उच्चारण करना सिखाया जाएगा। मिशन प्रेरणा के तहत वर्तमान में परिषदीय स्कूलों के शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशकों को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

इसके लिए बीएसए राजेश कुमार और डीसी डाॅ अभय जैन की अगुवाई में एसआरजी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एसआरजी ममता शुक्ला, डाॅ़ अरुण गुप्ता और अश्वनी अवस्थी को माॅनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ट्रेनिंग लेने वाले शैक्षिक स्टाफ को अपने-अपने स्कूल के अभिभावकों को इसके लिए प्रेरित करने की जिम्मेदारी दी गई है। कहा गया है कि जिन अभिभावकों के पास स्मार्ट फोन हैं, उनके मोबाइल पर गूगल एलांग एप को इंस्टाल कराए और उनकों एप कैसे चलेगा यह भी जानकारी दे। इस एप को छह से 11 साल के बच्चों को ध्यान में रखकर बनाया गया है।

ऑफलाइन मोड में भी करता है काम
गूगल एलांग एक को जब आप आपने फोन में इंस्टाल कर लेंगे उसके बाद यह ऑफलाइन में भी काम करेगा। एप की मदद से बच्चे खेल-खेल में ठीक उच्चारण सीख सकेंगे। मोबाइल स्क्रीन पर जो वाक्य लिख आता है, बच्चे को वह सही सही बोलना होता है। प्रत्येक शब्द के सही उच्चारण करने के बाद उसके ऊपर स्टार बनकर आ जाता है। जिससे बच्चे को सीखने की चाह पैदा होती है।

प्रेरक प्रदेश बनाने की हो रही पहल
20 जुलाई से मिशन प्रेरणा के तहत ब्लाक स्तर पर तीन माॅडियूल ध्यानाकर्षण, आधारशिला, शिक्षण संग्रह का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक विजय किरण आनंद ने प्राथमिक विद्यालयों के सभी छात्र 2022 तक प्रेरणा लक्ष्य हासिल करें का लक्ष्य रखा है। प्रदेश में एसआरजी का ग्रुप बना है जिसमें 222 लोग शामिल किए गए हैं, जिसमें जिले के तीन लोग शामिल है।

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