बरेली: आम बजट से लोगों को काफी उम्मीद, ग्रहणी से लेकर व्यापारी को भी आस
बरेली, अमृत विचार। आम बजट से देश के सभी वर्गों के लोगों को काफी उम्मीदें हैं। बुधवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में वित्तीय वर्ष 2023-24 का बजट पेश करेंगी। इसे लेकर देश के लोग अपने हिसाब से आस लगाए बैठै हैं। लोकसभा चुनाव से पहले सरकार के लिए भी ये बजट काफी महत्वपूर्ण है। चुनावी साल होने के कारण इस बजट से लोगों की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
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मध्यम वर्गीय महंगाई के बोझ से सबसे ज्यादा परेशान है, उसे उम्मीद है कि बजट उनके लिए राहत भरा होगा। वहीं टैक्स के बोझ तले दबे वेतनभोगी वर्ग को इनकम टैक्स में राहत, वेतनभोगी वर्ग से लेकर व्यापारियों और महिलाओं आदि सभी को काफी उम्मीदें हैं। शहर के सीबीगंज शिवनगर कॉलोनी निवासी ग्रहणी गौरी गोस्वामी ने कहा कि महंगाई से राहत की उम्मीद है।
आम आदमी इस बार आम बजट में महंगाई से राहत मिलने की उम्मीद कर रहा है। पिछले महीनों में हर चीज के दाम तेजी से बढ़े हैं। खाने-पीने के सामान से लेकर रसोई गैस आदि सभी चीजों के दाम बढ़े हैं। आम जनता को उम्मीद है कि इस बार बजट में कई जरूरी चीजों पर टैक्स को सरकार कम करेगी। जिससे जनता को बढ़ती महंगाई से राहत मिल सकेगी।
वहीं इस मामले में व्यापारी नेता रामकृष्ण शुल्का का कहना है कि सरकार को बजट में आम आदमी का ख्याल रखना चाहिए। पिछले दिनों तेजी से बढ़ी महंगाई में सबसे ज्यादा परेशानी आम आदमी को ही हुई है। बढ़ती महंगाई के कारण व्यापार में काफी गिरावट आई है। लोग कदम फूंक-फूंककर खरीदारी कर रहे हैं। आम जनता की महंगाई ने कमर तोड़ कर रख दी है।
सस्ती और अच्छी चिकित्सा व्यवस्था की उम्मीद
युवा राहुल यादव ने आम बजट में स्वास्थ्य बजट बढ़ाए जाने की उम्मीद जताई है। देश के सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था में सुधार होगा, ऐसे गांव जहां स्वास्थ्य सेवाए नहीं हैं वहां बेहतर स्वास्थ्य सेवाए दी जानी चाहिए। कोरोना काल का अनुभव बताते हुए उन्होंने कहा कि इस महामारी के कारण उनकी पढ़ाई काफी प्रभावित हुई थी।
टैक्स में छूट की उम्मीद
नौकरीपेशा वर्ग को टैक्स में और छूट दिए जाने की उम्मीद है। लोगों को उम्मीद है कि सैलरी पेशा वर्ग को मोदी सरकार राहत दे सकती है। 8 साल से टैक्स की सीमा नहीं बढ़ाई गई है। इस बार टैक्स स्लैब में बदलाव हो सकता है।
रेलवे टिकट में छूट की आस
सीनियर सिटीजनों को उम्मीद है कि सरकार उन्हें ट्रेन के टिकट में मिलने वाली छूट फिर से मिले। कोरोना काल से पहले सीनियर सिटीजनों को रेल टिकट पर छूट मिला करती थी। कोरोना में जब ट्रेनें बंद हुईं तो इस छूट को भी खत्म कर दिया गया। कोरोना काल बीत जाने के बाद ट्रेनें शुरू हो गईं, लेकिन अभी सीनियर सिटीजनों को मिलने वाली छूट दोबारा शुरू नहीं की गई है, बिलकुल ये सीनियर सिटीजन का अपमान है।
रोजगार की उम्मीदें
युवाओं को उम्मीद है कि सरकार बजट में उन पर ध्यान देगी जिससे आने वाले समय में उन्हें रोजगार के बेहतर मौके मिल सकेंगे। रोजगार को बढ़ावा देने के लिए सरकार कदम उठाए, पढ़ने लिखने के बाद भी बेरोज़गार हैं, पेपर देने वाले लाखों लोग होते हैं और पोस्ट हजार दो हजार।
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