रामपुर: कोर्ट रिक्त होने के कारण दो जन्म प्रमाण-पत्र मामले सुनवाई टली
रामपुर, अमृत विचार। स्वार से सपा विधायक अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाण पत्र मामले में मंगलवार को पीठासीन अधिकारी के प्रोन्नत होने के कारण कोर्ट बदलने से सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस मामले में 31 जनवरी की तारीख नियत हुई है। इस प्रकरण में अब्दुल्ला आजम, पूर्वमंत्री आजम खां और डा.तजीन फात्मा आरोपी हैं।
गौरतलब है कि भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाणपत्र के मामले में गंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मुकदमे में सपा नेता आजम खां और उनकी पत्नी डॉ. तजीन फात्मा भी आरोपी हैं। पुलिस इस मामले में तीनों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
इस मामले में आजम खां, डॉ. तजीन फात्मा और अब्दुल्ला जमानत पर चल रहे हैं। इस मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) में चल रही है। शुक्रवार को कोर्ट ने तीनों व्यक्तिगत रुप से पेश होने के निर्देश दिए थे, लेकिन उसके बाद भी तीनों कोर्ट में पेश नहीं हुए थे। सोमवार को पीठासीन अधिकारी के प्रमोशन हो जाने के कारण इस मामले में सुनवाई नही हो सकी। अब इस मामले में 31 जनवरी को सुनवाई होना है।अभियोजन अधिकारी अमरनाथ तिवारी ने बताया कि पीठासीन अधिकारी के प्रमोशन होने से कोर्ट बदलने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी।
आजम के भड़काऊ भाषण मामले में 4 फरवरी को होगी सुनवाई
रामपुर। सपा नेता आजम खां के भड़काऊ भाषण मामले में मंगलवार को सुनवाई नही हो सकी। अब चार फरवरी को सुनवाई होना है।
गौरतलब है कि 2019 में सपा और बसपा गठबंधन के प्रत्याशी आजम खां को बनाया था। इस दौरान उन्होंने जिलेभर में सभाएं की थी। इस दौरान उन्होंने शहजादनगर में भी जनसभा की थी। जहां सभा को संबोधित करते हुए आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके मामले की जांच शुरूकर दी थी। उसके बाद पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। जिसकी सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रही है। मंगलवार को इस मामले में सुनवाई नही हो सकी। अब चार फरवरी को सुनवाई होना है।
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