हल्द्वानी: तो क्या सरकार को चार साल में एक भी किन्नर छात्र नहीं मिला...!
हल्द्वानी, अमृत विचार। समाज कल्याण के अन्तर्गत 2019 में किन्नर बच्चों को निशुल्क पढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार ने योजना तो शुरू की लेकिन हैरानी की बात यह है कि चार साल में सरकार को एक भी किन्नर बच्चा नहीं मिला। हालत यह है कि इस योजना के तहत एक भी रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है।
समाज कल्याण विभाग इस योजना को चला रहा है। लेकिन पूरे राज्य में एक भी किन्नर छात्र चिह्नित नहीं होने से साफ है कि विभाग इस योजना पर प्रभावी तरीके से काम नहीं कर पा रहा है। योजना के प्रचार प्रसार पर भी जोर नहीं दिया जा रहा है।
जानकारों का कहना है कि प्रचार-प्रसार और किन्नर समाज के बीच जाकर ऐसे बच्चों की पहचान की जा सकती है और उन्हें इस योजना का लाभ बताया जा सकता है। साथ ही आम लोगों को भी इस योजना के बारे में बताकर ऐसे बच्चों को चिह्नित किया जा सकता है।
प्रदेश सरकार की ओर से चार साल पूर्व इस योजना की शुरुआत की गई थी। लेकिन अभी तक किसी ने भी इस योजना का लाभ लेने के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है।
-एनएस डुंगरियाल, अपर निदेशक समाज कल्याण
