बरेली: वैज्ञानिकों की अनुपस्थिति से शैक्षिक कार्य बाधित

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Edited By Amrit Vichar
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आइवीआरआई में एनपीए न मिलने से वैज्ञानिकों ने जताया विरोध, पीएचडी विद्यार्थियों से वीबीएससी के छात्रों को पढ़ाने का किया गया अनुरोध

बरेली, अमृत विचार: एनपीए न मिलने को लेकर खफा भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) के वैज्ञानिकों की ओर से मंगलवार को शैक्षिक कार्यों से इस्तीफा देने के बाद बुधवार को वीबीएससी समेत अन्य पाठ्यक्रमों की कक्षाएं प्रभावित रहीं।

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एआरएसएसएफ फोरम के पदाधिकारियों के अनुसार विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने पर आईवीआरआई प्रबंधन की ओर से पीएचडी विद्यार्थियों की ओर से वीबीएससी के विद्यार्थियों को पढ़ाने का अनुरोध किया गया, लेकिन पीएचडी विद्यार्थियों ने पढ़ाने से मना कर दिया।आईवीआरआई में प्रति दिन में लगभग 10 प्रैक्टिकल व 20 थ्योरी कक्षाएं लगती हैं। एक कक्षा में करीब 40 विद्यार्थी मौजूद रहते हैं।

वहीं, थ्योरी कक्षाएं एक घंटे व प्रैक्टिकल कक्षाएं लगभग 2 घंटे तक चलती हैं। बुधवार को परिसर में एक भी फैकल्टी के कक्षा में नहीं पहुंचने से शैक्षिक कार्य बाधित रहा। वहीं निदेशक ने वैज्ञानिकों को आश्वासन दिया गया कि जल्द ही कुछ सकारात्मक निर्णय आईसीएआर की ओर से लिए जा सकते हैं।

एग्रीकल्चरल रिसर्च सर्विंग सांइटिस्ट फोरम (एआरएसएसएफ) के पदाधिकारियों के निर्देशन में बुधवार को वाईशेप बिल्डिंग से लेकर प्रशासनिक खंड तक एनपीए के विरोध में मार्च पास्ट किया गया। इस दौरान वैज्ञानिकों ने ''''एनपीए नहीं तो संस्थान में शैक्षिक व पशु चिकित्सा कार्य होंगे बंद'''', ''''प्रशासन करे भ्रष्टाचार, करो इनका बहिष्कार'''', ''''वैज्ञानिकों की एक ही मांग, एनपीए करो बहाल'''' आदि नारे लगाकर अपना विरोध जताया।

वहीं एआरएसएसएफ के अध्यक्ष डा. भोजराज सिंह ने बताया कि प्रबंधन व आईसीएआर की ओर से एनपीए देने के आदेश के बाद ही जारी विरोध को वापस लिया जाएगा। तब तक शैक्षिक कार्य नहीं किया जाएगा।

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