हरिद्वार: चमक और बचत कराएगी सोलर लाइट
हरिद्वार, अमृत विचार। राज्य की सबसे बड़ी जेल रोशनाबाद स्थित जिला कारागार हरिद्वार अब सोलर प्लांट की लाइट से रौशन होगी। उत्तराखंड रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (UREDA) के सहयोग से जेल में 125 केवी का सोलर प्लांट स्थापित किया गया है। सोलर प्लांट से संचालित होने वाली ये प्रदेश की पहली जेल बन गई है। इसके दो फायदे हैं पहला की यह ऊर्जा संरक्षण करेगी और दूसरा की हर महीने जेल का 1 लाख नकद बचाएगी। फिलहाल पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर ये पहल की गई है। भविष्य में सोलर प्लांट की क्षमता बढ़ाई जाएगी।
यह प्रदेश की सबसे बड़ी जेल है लेकिन इसकी क्षमता करीब 900 बंदी है, हालांकि अमूमन 1400 से अधिक बंदी जेल में बंद रहते हैं। इसी लिहाज से जेल में बिजली-पानी की खपत भी काफी है।खास बात यह है कि ग्रिड पैनल के तौर पर ये प्लांट स्थापित किया गया है। जिससे सोलर प्लांट से मिलने वाली बिजली बाहर से खरीदी जाने वाली बिजली से स्वत: ही कम हो जाएगी। इस लिहाज से जेल का मासिक बिल छह लाख रुपये से घटकर पांच लाख रुपये हो जाएगा। जेल के वरिष्ठ अधीक्षक मनोज कुमार आर्य ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि जेल में उरेडा के सहयोग से 125 केवी का सोलर प्लांट लगाया गया है। जिससे बिजली के बिल में हर महीने एक लाख रुपये की बचत होगी। जल्द ही प्लांट का विधिवत उद्घााटन हो जाएगा।
ग्रिड पैनल का कार्य संचालन
सोलर प्लांट से निकलने वाली लाइन और ऊर्जा निगम से आने वाली बिजली लाइन को एक ग्रिड पैनल में जोड़ा जाता है। यह पैनल ऊर्जा निगम की तरह सिस्टम में अन्य जगहों पर बिजली भेजता है। ग्रिड पैनल एक निश्चित मात्रा में बिजली को संभालने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, इसलिए सौर संयंत्र से आने वाली बिजली का 20% ऊर्जा सोलर प्लांट की और 80% ऊर्जा निगम की उपयोग की जाएगी।
