अयोध्या: एचआरए के फेर में फंसा साकेत महाविद्यालय के शिक्षक व कर्मियों का वेतन, प्रबंध तंत्र को सौंपा ज्ञापन

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अयोध्या, अमृत विचार। एचआरए (गृहकर भत्ता) को लेकर साकेत महाविद्यालय के शिक्षकों व कर्मियों का वेतन भुगतान फंस गया है। जिससे लोगों की ईएमआई नहीं जमा हो पा रही है और आर्थिक संकट के हालात खड़े हो गए हैं। पीड़ितों ने वेतन भुगतान के लिए प्रबंध तंत्र को संबोधित ज्ञापन कॉलेज प्राचार्य को सौंपा है। भुगतान न होने पर अग्रिम रणनीति के लिए सोमवार को बैठक बुलाई है।  

बताया गया कि क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी, लखनऊ ने साकेत स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अयोध्या के 117 शिक्षक एवं 87 कर्मचारियों का वेतन पारित नहीं किया। इसके पीछे कारण बताया जा रहा है कि एक वरिष्ठ शिक्षक ने गृह किराया भत्ता लगाकर बिल नहीं भेजवाया है। पीड़ितों का कहना है कि शासनादेश के अनुसार पति-पत्नी को एक ही नगर में कार्यरत होने पर दोनों को एचआरए मिलता है।

जबकि महाविद्यालय प्रबन्ध समिति पति-पत्नी में से एक को ही एचआरए देने का प्रस्ताव कर रही है और क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी के स्पष्ट आदेश होने के बावजूद संबंधित वरिष्ठ शिक्षक का एचआरए लगाकर वेतन बिल नहीं भेजा। जिसके चलते अधिसंख्य शिक्षक व कर्मचारियों के गृह ऋण, शिक्षा ऋण व विभिन्न प्रकार के सहकारी ऋण की ईएमआई का भुगतान नहीं हो पा रहा है और सभी अर्थदंड देने को मजबूर हैं। साथ ही वित्तीय वर्ष की अन्तिम तिमाही होने के कारण आयकर की अग्रिम कटौती भी नहीं हो पा रही है। 

शनिवार को महाविद्यालय शिक्षक व कर्मचारी संघ ने महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अभय कुमार सिंह को प्रबन्ध तंत्र को सम्बोधित ज्ञापन सौंप दो दिनों में समस्या का समाधान न होने पर सोमवार को संयुक्त बैठक में आगे के आन्दोलन की रणनीति पर विचार की बात कही है।

ज्ञापन देने वालों में शिक्षक संघ अध्यक्ष प्रो. ओपी यादव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. विनय कुमार सिंह, महामंत्री प्रो. आशीष प्रताप सिंह, कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष चंद्रकांत अवस्थी, महामंत्री चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव, वरिष्ठ शिक्षक प्रो. शिव कुमार तिवारी, प्रो. अमूल्य कुमार सिंह, प्रो. आशुतोष सिंह, प्रो. बीडी द्विवेदी, प्रो. अनिल सिंह, डॉ. उमापति, डॉ. आशुतोष त्रिपाठी, डॉ. संत लाल, डॉ. अवधेश कुमार शुक्ल, डॉ. ऋचा पाठक, डॉ. निधि मिश्रा, डॉ. रमेश प्रताप सिंह, डॉ. समरेंद्र बहादुर सिंह व डॉ. कुमुद रंजन शामिल रहे।

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