बरेली: 10 माह में 88 नाबालिगों का रेस्क्यू, नगालैंड की दो किशोरियां ट्रेन में मिलने के बाद बढ़ी चिंता
बरेली, अमृत विचार। ट्रेन से रेस्क्यू की गईं नागालैंड की किशोरियों के मामले के बाद कई तरह के सवाल खड़े हो गए हैं। किशाेरियों का अपहरण कहीं मानव तस्करी के लिए तो नहीं किया गया था। उन्हें नशा देने वाला कौन था। इन सबके बारे में जीआरपी और आरपीएफ की टीमें पता लग रही हैं। ट्रेनों से इससे पहले भी बच्चों और किशोरों को रेस्क्यू किया गया है। अप्रैल 2022 से अब तक 10 माह में 88 बच्चों और किशोरों का रेस्क्यू किया गया है, जिसमें 11 फरवरी में ही किए गए हैं।
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4 सितंबर 2022 को रेलवे चाइल्ड लाइन को चंडीगढ़ सुपरफास्ट एक्सप्रेस से किशोर के अपहरण की सूचना मिली थी, हालांकि किशोर बरामद नहीं हुआ था। 5 नवंबर 2022 को श्रमजीवीर एक्सप्रेस से किशोरी के अपहरण की सूचना मिली थी लेकिन किशोरी बरामद नहीं हुई थी।
14 अक्टूबर 2022 को अमेठी के संग्रामपुर थाना क्षेत्र से अपहरण कर चार किशोरियों को ले जाने की सूचना जीआरपी को मिली थी। जीआरपी ने पद्मावत एक्सप्रेस से इन किशोरियों को बरामद किया था। हालांकि बाद में लड़कियों ने अपनी मर्जी से घर से भागकर आने की बात कही थी। रेलवे चाइल्ड लाइन प्रभारी खुशबू जहां ने बताया कि रेलवे चाइल्ड लाइन और बचपन बचाओ आंदोलन के सदस्यों के साथ मिलकर ऐसे मामलों को गंभीरता से देख रहे हैं, ट्रेन में किसी नाबालिग के आने की सूचना पर हमारी टीम तत्काल प्रभाव से सक्रिय होती है।
आरपीएफ, रेलवे चाइल्ड लाइन व बचपन बचाओ आंदोलन के सदस्यों द्वारा कंट्रोल रूम की सूचना पर बच्चों को रेस्क्यू करने का कार्य किया जाता है। रेलवे चाइल्ड लाइन खुशबू जहां के मुताबिक अप्रैल 2022 से अब तक उनकी टीम ने 88 बच्चों को रेस्क्यू किया है। 11 नाबालिग केवल फरवरी में ही रेस्क्यू किये गये हैं।
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