बरेली: मुर्गियों का कम हो सकेगा तनाव, CARI के वैज्ञानिकों ने तैयार किया 'एंटी स्ट्रेस एलीमेंट'
बरेली, अमृत विचार। ट्रांसपोर्टेशन के दौरान मुर्गियों में होने वाले तनाव को कम करने के लिए सीएआरआई के वैज्ञानिकों ने एक उत्पाद तैयार किया है। इसे ट्रांसपोर्टेशन से 72 घंटे पहले मुर्गियों को पानी में मिलाकर देने से उनमें तनाव के कारण होने वाली समस्याओं से बचाया जा सकता है।
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इस अध्ययन में केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान (सीएआरआई) के वैज्ञानिक डा. जयदीप रोकड़े समेत पांच सदस्यीय वाली टीम को करीब 4 साल से अधिक का समय लगा। इस उत्पाद से ट्रांसपोर्टेशन के दौरान मुर्गियों के गिरते वजन, मीट प्रोडक्टिविटी प्रभावित होने से बचाई जा सकती है। वर्तमान में उत्पाद के पेटेंट की प्रक्रिया की जा रही है।
सीएआरआई के पोस्ट हार्वेस्ट यूनिट के प्रभारी वैज्ञानिक डा. जयदीप रोकड़े के अनुसार वर्ष 2019 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट में उनके अलावा संस्थान के निदेशक डा. एके तिवारी के निर्देशन में डा. एसके भांजा, डा. जगबीर सिंह त्यागी, डा. संदीप सरन ने अध्ययन किया। उन्होंने बताया कि अध्ययन में सामने आया कि बिक्री के लिहाज से मुर्गियों को एक जगह से दूसरे जगह वाहनों से ले जाने के दौरान 4 घंटे से अधिक यात्रा के बाद उनमें तनाव का स्तर बढ़ जाता है।
इसके प्रयोगात्मक अध्ययन के लिए बरेली, मुरादाबाद, शाहजहांपुर, बदायूं के आसपास ट्रांसपोर्ट होने वाली मुर्गियों का सैंपल लेकर अध्ययन किया गया। बहेड़ी के एक फार्म की करीब 1000 मुर्गियों को एक मैजिक वैन में विभिन्न समय अंतराल में यात्रा कराई गई। इस यात्रा में वैज्ञानिकों की ओर से 2, 4 व 6 घंटे के अंतराल में तनाव के स्तर को मापन के लिए बने मानक जैसे वजन नापना, ब्लड के सैंपल आदि की निगरानी की गई। जिसमें 4 घंटे से अधिक यात्रा करने वाली मुर्गियों में कार्टिकोस्टोरोन नामक एंजाइम की अधिकता पाई गई।
ये एंजाइम मुसीबत के समय फाइट हार्मोन की तरह काम करता है। परिणामस्वरूप ये पाया गया कि 4 घंटे से अधिक यात्रा कर रही मुर्गियों में तनाव का स्तर 2 घंटे यात्रा की हुईं मुर्गी से अधिक होता है। वैज्ञानिकों ने शोध की पुष्टता के लिए मौसम की विभिन्न परिस्थितियां जैसे गर्मी, सर्दी व बारिश में भी मुर्गियों पर अध्ययन किया।
चार मालिक्यूल के तहत तैयार किया मिक्चर
मुर्गियों के तनाव स्तर को कम करने के लिए वैज्ञानिकों ने चार मालिक्यूल से मिक्चर को तैयार किया। इन मॉलिक्यूल्स में मौजूद एंटी स्ट्रेस एलीमेंट मुर्गियों के तनाव को कम करते हैं। इसके लिए यात्रा से दो दिन पहले मुर्गियों को पानी की निर्धारित मात्रा में मिलाकर देने से उनमें तनाव का स्तर कम देखा गया। वहीं, तनाव से होने वाले प्रभाव भी करीब 8-10 प्रतिशत तक कम हो गए।
इसलिए मुर्गी पालकों को होता है नुकसान
व्यवसायिक रूप में पालकों की ओर से भेजी गई मुर्गियों की वजन के अनुरूप बिक्री होती है, जिसमें 4 घंट से अधिक की यात्रा के दौरान मुर्गियों में करीब 8-10 प्रतिशत तक वजन गिर जाता है। वहीं, पसीने की ग्रंथियां नहीं होने व तनाव अधिक होने से कई मुर्गियां दम भी तोड़ देती हैं। जिसका हर्जाना मुर्गी पालक को ही भुगतना पड़ता है। तनाव के बढ़ते स्तर से मीट क्वालिटी भी प्रभावित होती है।
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