हल्द्वानी: सुशीला तिवारी अस्पताल का मानसिक रोग विभाग खाली

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Edited By Amrit Vichar
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एकमात्र मनोचिकित्सक मातृत्व अवकाश पर, मरीज मेडिसिन ओपीडी में रेफर

विभाग में लंबे समय से प्रोफेसर व एसोसिएट प्रोफेसर के पद खाली, नियुक्ति का इंतजार

हल्द्वानी, अमृत विचार। कुमाऊं के सबसे बड़े सरकारी सुशीला तिवारी अस्पताल का मानसिक रोग विभाग पूरी तरह चिकित्सक विहीन हो गया है। यहां एकमात्र मनोचिकित्सक तैनात थीं, जो मातृत्व अवकाश पर चली गई हैं। जिस कारण मानसिक मरीजों को मेडिसिन ओपीडी में रेफर करना पड़ रहा है।

एसटीएच के मानसिक रोग विभाग में कुमाऊं भर से हर रोज 70 से 80 मरीज इलाज के लिए आते हैं। इस विभाग में एक प्रोफेसर, दो एसोसिएट प्रोफेसर, दो असिस्टेंट प्रोफेसर तथा दो सीनियर रेजीडेंट के पद हैं, जिनमें लंबे समय से विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति नहीं हो पाई है।

एकमात्र असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर तैनात डॉ. अजमी नाज के सहारे विभाग का संचालन हो रहा है। बताया जाता है कि डॉ. अजमी कुछ दिन पूर्व मातृत्व अवकाश पर चली गई हैं। जिससे मानसिक रोग विभाग पूरी तरह खाली हो गया है। अस्पताल प्रशासन ने मानसिक मरीजों को देखने के लिए मेडिसिन ओपीडी में वैकल्पिक व्यवस्था बनाई है। जिससे मेडिसिन ओपीडी में मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है।


तीमारदारों के हंगामे के बाद जारी हुआ पत्र

बीते सोमवार को मानसिक रोग विभाग में काफी हंगामा हुआ। बताया जाता है कि काउंटर से पर्चा कटाने के बाद मरीज व तीमारदार विभाग में घंटों बैठकर चिकित्सक के आने का इंतजार करते रहे। जब उनके सब्र का बांध टूटा तो उन्होंने हंगामा करना शुरू कर दिया। पता चला कि चिकित्सक अवकाश पर हैं। मामले की सूचना पर प्राचार्य ने तुरंत एक चिकित्सक को विभाग में भेजा। साथ ही मंगलवार से मरीजों को चार नंबर काउंटर पर भेजने के लिए पत्र जारी किया।

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