रबड़ फैक्ट्री: बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी, जल्द आ सकता है फैसला
बरेली, अमृत विचार। रबड़ फैक्ट्री की करीब 18 अरब कीमत की जमीन वापस लेने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई बुधवार को पूरी हो गई। ऐसा केस से जुड़े अधिकारी बता रहे हैं। राज्य सरकार का पक्ष 2 फरवरी को एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने साक्ष्यों के साथ रखा था। अब अलकेमिस्ट एसेट्स रिकंस्ट्रक्शन लिमिटेड का पक्ष हाईकोर्ट ने सुना। साथ ही अलकेमिस्ट के वकील से कई बिंदुओं पर एडिशनल सॉलिसिटर जनरल अनिल सी सिंह ने बहस की। इस प्रकरण में हाईकोर्ट जल्द अपना फैसला सुना सकता है। इस सुनवाई के बाद 23 साल से अपने हक के लिए संघर्ष कर रहे कर्मचारियों को यह उम्मीद जगी है कि जल्द उनकी देनदारी मिल सकती है।
बुधवार दोपहर करीब 2 बजे सुनवाई शुरू हुई। कोर्ट रूम में राज्य सरकार की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल और अलकेमिस्ट एसेट्स रिकंस्ट्रक्शन लिमिटेड पक्ष के लोग ही उपस्थित थे। इस बार जिला प्रशासन से कोई अधिकारी सुनवाई में नहीं पहुंच सका। पिछली तारीख 15 फरवरी को थी। उस दिन जज की तबीयत ठीक नहीं थी, इसलिए सुनवाई टलने पर 16 फरवरी को केस लगा था। 17 को 22 फरवरी की तारीख मिली थी।
बॉम्बे हाईकोर्ट में पिटीशन संख्या 999/2020 अलकेमिस्ट एसेट्स रिकंस्ट्रक्शन लिमिटेड बनाम मैसर्स सिंथेटिक एंड केमिकल्स लिमिटेड व अन्य में शासन की ओर से हस्तक्षेप आवेदन दाखिल है। हस्तक्षेप आवेदन कर राज्य सरकार ने रबड़ फैक्ट्री की जमीन को अपना बताते हुए सेठ किला चंद को लीज पर देने और फैक्ट्री बंद होने पर जमीन स्वत: राज्य सरकार के खाते में आने से संबंधित लीज डीड की कॉपी भी साक्ष्य के रूप में कोर्ट को सौंपी है। इधर, यूपीसीडा के क्षेत्रीय प्रबंधक संतोष कुमार का कहना है कि सुनवाई हुई है। क्या रहा, इस बारे में अपडेट अभी नहीं मिला है।
1960 में बनी फैक्ट्री 15 जुलाई 1999 में हो गई थी बंद
रबड़ फैक्ट्री के लिए 1960 के दशक में मुंबई के सेठ किलाचंद को फतेहगंज पश्चिमी में 1382.23 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई गई थी। तत्कालीन प्रदेश सरकार ने 3.40 लाख रुपये लेकर जमीन लीज पर दी थी, जो लीज डीड बनी थी, उसमें यह शर्त शामिल थी कि जब फैक्ट्री बंद होगी, तब सरकार जमीन वापस ले लेगी, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया था। यह फैक्ट्री 15 जुलाई 1999 को बंद हो गई थी।
1432 कर्मचारियों के डेटा को पहले ही सही मान लिया है
ऑफिशियल लिक्विडेटर बॉम्बे हाईकोर्ट 16 जनवरी को रबड़ फैक्ट्री के 1432 कर्मचारियों के डेटा को सही मान चुका है। रबड़ फैक्ट्री की यूनियन के महामंत्री अशोक मिश्रा एवं प्रमोद व यूनियन के एडवोकेट एकेएस लीगल कंसलटेंट के अकबर नेहाल रिजवी और मोहम्मद सत्तार ने साक्ष्य उपलब्ध कराए थे। कारपोरेट कार्य मंत्रालय के ऑफिशियल लिक्विडेटर (आधिकारिक परिसमापक) बाम्बे हाईकोर्ट के कार्यालय में डिप्टी ऑफिशियल लिक्विडेटर बीजी नपाने, सीए सुहास राजे, एडवोकेट मिस्ट्री वोडका की मौजूदगी में बैठक हुई थी।
बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई, ऐसी जानकारी मिली है। अब निर्णय आएगा, ऐसा कहा जा रहा है।-संतोष बहादुर सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व
बॉम्बे हाईकोर्ट में बुधवार को रबड़ फैक्ट्री केस की सुनवाई पूरी होने से कर्मचारियों को उनका हक मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। हम यही चाहते हैं कि जमीन मिलने का फैसला राज्य सरकार के पक्ष में आएगा। 1432 कर्मचारियों के डेटा को ऑफिशियल लिक्विडेटर पहले ही सही मान चुके हैं।-अशोक कुमार मिश्रा, महामंत्री एसएंडसी कर्मचारी यूनियन
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