बरेली: मार्च तक नहीं चौड़ी हो पाएगी लाल फाटक रोड, कमिश्नर को लिखा पत्र
वन निगम की ओर से पेड़ न कटवाए जाने पर पीडब्ल्यूडी के अफसरों ने की शिकायत, लाल फाटक से बुखारा तक काटे जाने हैं 12 सौ पेड़
बरेली/कैंट, अमृत विचार। सरकारी महकमों के बीच इस कदर खींचतान है कि बड़ी परियोजनाओं की धीमी रफ्तार हर तरफ सिरदर्द बनी हुई है। लालफाटक रोड को चौड़ा करने का काम भी इसी खींचतान में अटक गया है। वन निगम की ओर से पेड़ न कटवाए जाने पर पीडब्ल्यूडी की ओर से कमिश्नर को पत्र लिखा गया है, साथ ही तय मार्च की समयसीमा में सड़क का चौड़ीकरण कर पाने से हाथ खड़े कर दिए हैं। बता दें कि ट्रैफिक का भारी दबाव होने की वजह से इस सड़क पर आएदिन हादसे हो रहे हैं।
यह भी पढ़ें- बरेली: रमजान में मस्जिदों में गूंजेगी जामियातुर्रजा के हाफिजों की आवाज
लालफाटक क्रॉसिंग से आगे बुखारा मोड़ तक 4.3 किमी लंबी सड़क को चौड़ा करने के लिए दो साल पहले 36 करोड़ रुपये मिले थे लेकिन सड़क के दोनों तरफ खड़े पेड़ों की वजह से काम ही शुरू नहीं हो पा रहा है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के मुताबिक सड़क को चौड़ा करने की समयसीमा 31 मार्च निर्धारित है। पेड़ों को काटने की जिम्मेदारी वन निगम को दी गई है।
पीडब्ल्यूडी की ओर से वन निगम के अधिकारियों को लगातार लिखा जा रहा लेकिन इसके बावजूद पेड़ों को काटने की रफ्तार नहीं बढ़ पा रही है। अब पीडब्ल्यूडी की ओर से कमिश्नर को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी गई है। बता दें कि लाल फाटक से बुखारा मोड़ तक 4.3 किमी लंबी सड़क पर 6125 हरे और पुराने पेड़ हैं। इनमें 1200 बड़े पेड़ हैं। साल भर इन पेड़ों को काटने की अनुमति न मिलने की वजह से काम अटका रहा था।
पेड़ों को हटाने की जिम्मेदारी लखीमपुर खीरी के वन निगम को दी गई है। दो महीने में सवा सौ ही पेड़ कटे हैं लिहाजा काम पूरी तरह ठप है। मार्च तक इसे पूरा करना था। कई पत्र लिखने के बावजूद वन निगम के अधिकारियों ने नहीं सुना तो कमिश्नर को पत्र लिखा गया है। मार्च तक काम पूरा होने की उम्मीद थी मगर अब यह मुमकिन नहीं है। - नारायण सिंह, एक्सईन पीडब्ल्यूडी
अफसर समझते ही नहीं आमलोगों का दुख-दर्द
फोरलेन का प्रस्ताव बहुत समय पहले पास हो गया था लेकिन पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों की ढिलाई से काम बहुत धीमी गति से हो रहा है। सड़क चौड़ी न होने से अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं--- रामचरन सिंह राठौर, व्यापारी।
लालफाटक पुल के पास एक्सीडेंट जोन बन चुका है। सड़क चौड़ी न होने से स्कूल के बच्चों को बहुत समस्या होती है। ट्रैफिक अस्तव्यस्त होने से कई लोग घायल हो चुके हैं--- डॉ. विनोद कुमार शर्मा, डायरेक्टर शांतिकुंज गर्ल्स इंटर कॉलेज।
फोरलेन का काम बहुत धीमी गति से चलने से सड़क पर खतरा बना रहता है। सड़क चौड़ी होने पर ही इससे निजात मिलेगी। अभी तो आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं--- ओमवीर सिंह, एडवोकेट निकट दूरदर्शन केंद्र।
पीडब्ल्यूडी ने 2021 में यहां खुदाई शुरू की थी। इन गड्ढों में कई बार वाहनों के गिरने की वजह से दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। सबसे ज्यादा समस्या धूल उड़ने की है। अधिकारी फिर भी गंभीर नहीं है--- अतुल गुप्ता, बरातघर संचालक।
यह भी पढ़ें- बरेली: निजीकरण के विरोध में 72 घंटे हड़ताल करेंगे बिजली अधिकारी
