रामपुर : राजनयिकों ने गांधी समाधि पर अर्पित की पुष्पांजलि

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रामपुर दौरे के दूसरे दिन पांच देशों के राजनयिकों ने संभ्रांत लोगों से की मुलाकात

रामपुर, अमृत विचार। पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां के निमंत्रण पर रामपुर पहुंचे राजनयिकों ने दूसरे दिन गांधी समाधि पहुंचकर पुष्पांजलि अर्पित की। भारत में स्वीडन के दूतावास प्रमुख क्रिस्टीयान कामिल, ऑस्ट्रिया की दूतावास प्रमुख गीजला क्रिस्टोफेरिच, जर्मनी के दूतावास प्रमुख कासपर मायर, स्पेन की दूतावास प्रमुख एलेना पेरेज और एस्टोनिया के दूतावास प्रमुख मार्गस सॉल्सन ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया। राजनयिकों ने संभ्रांत लोगों से मुलाकात भी की।

अंतिम शासक के पौत्र पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने राजनयिकों को रामपुर में स्थित गांधी समाधि का इतिहास बताया। उन्होंने बताया कि महात्‍मा गांधी स्‍वतंत्रता आंदोलन के दौरान दो बार रामपुर आए थे। एक बार जब गांधी जी मौलाना मुहम्मद अली जौहर के साथ रामपुर आए थे तब उनकी मुलाकात तत्‍कालीन नवाब हामिद अली खां से हुई थी। तब से ही गांधी के नवाब खानदान से बेहद अच्‍छे रिश्‍ते बन गए थे। भारतीय गणराज्य में रामपुर रियासत का सबसे पहले विलय हुआ था।

 गांधी जी की हत्‍या हुई उस समय रामपुर के शासक नवाब रजा अली खां थे। नवाब साहब गांधी जी की अस्थियां रामपुर भी लाना चाहते थे। उन्‍होंने अपने मुख्‍यमंत्री कर्नल बशीर हुसैन जैदी और दरबारी पंडितों को दिल्ली भेजा और नवाब रामपुर खुद दिल्‍ली से अष्ट धातु के कलश में अस्थियां लेकर आए थे।  रजा इंटर कालेज के मैदान में जनता दर्शन के लिए रखा गया था। जहां बड़ी संख्‍या में लोगों ने पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद नवाब रजा अली खां ने कुछ अस्थियां कोसी नदी में विसर्जित कीं थीं। 

बाद में अन्‍य अस्थियां नवाब साहब ने एक चांदी के कलश में रखकर स्‍वयं अपने हाथों से दफन कीं। जिसके बाद यहां समाधि का निर्माण कराया गया। यहां गांधी समाधि होना हमारे लिए गर्व की बात है। रामपुर में स्थित गांधी समाधि का इतिहास जानकर राजनयिक बहुत खुश हुए। दो मिनट का मौन धारण कर सभी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। 

यह रहे मौजूद
इस मौके पर पूर्व विधायक अफरोज अली खान, पूर्व मंत्री के पीआरओ काशिफ खां, कांग्रेस के नगर अध्यक्ष नोमान खां, अकरम सुल्तान उर्फ छोटे साहब, फिरोज सज्जाद खां, महफूज़उर्रहमान खां, इरशाद अन्सारी, लल्लन खां, आरिफ खान एडवोकेट,दिव्यांश सिंघल, इकबाल खां,मोईन पठान, अब्दुल जब्बार खां, इमरान अज़ीज़, फ़ैज़ खां, जीशान रजा खां, एहतेशाम सहरी, आसिम एजाज, रफी खां आदि मौजूद रहे।

राजनयिकों ने खासबाग पैलेस देखा, इमामबाड़ा में रौशनी की
पांच देशों के राजनयिकों ने खासबाग पैलेस देखा और इमामाबाड़ा में रौशनी की। पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां के पीआरओ काशिफ खां ने बताया कि भारत में स्वीडन के दूतावास प्रमुख क्रिस्टीयान कामिल,ऑस्ट्रिया की दूतावास प्रमुख गीजला क्रिस्टोफेरिच,जर्मनी के दूतावास प्रमुख कासपर मायर, स्पेन की दूतावास प्रमुख एलेना पेरेज और एस्टोनिया के दूतावास प्रमुख मार्गस सॉल्सन खासबाग पैलेस की भव्यता और निर्माण की कला से बेहद प्रभावित हुए। पैलेस की दीवारों पर लगी विशाल पेंटिंग्स,लिफ्ट,थियेटर और स्विमिंग पूल देखकर विदेशी हैरान रह गए। राजनयिकों ने इस धरोहर को सहेजने पर जोर दिया। राजनयिक नवेद मियां के साथ इमामबाड़ा खासबाग भी पहुंचे और रौशनी की।

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