टूलकिट मामला: हाईकोर्ट ने कहा- केंद्र को दिशा रवि के खिलाफ जांच की स्थिति से अवगत कराए

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Edited By Amrit Vichar
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नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि के खिलाफ उस प्राथमिकी की जांच की स्थिति से केंद्र को अवगत कराने को कहा है, जो 2021 में हुए किसानों के प्रदर्शन का समर्थन करने वाला एक ‘टूलकिट’ साझा करने में उसकी कथित संलिप्तता को लेकर दर्ज की गई थी।

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अदालत ने अपने आदेश में कहा, ‘‘भारत सरकार याचिकाकर्ता के खिलाफ जांच और इसकी मौजूदा स्थिति के संबंध में एक ‘स्थिति रिपोर्ट’ दाखिल करे।’’ याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अखिल सिब्बल ने अदालत से कहा कि जांच एजेंसी द्वारा आरोपपत्र दाखिल किया जाना अभी बाकी है।

उन्होंने अदालत को यह भी बताया कि याचिकाकर्ता जमानत पर है, ऐसे में राजद्रोह कानून की संवैधानिक वैधता का मुद्दा भी उच्चतम न्यायालय के समक्ष लंबित है। केंद्र के तीन कृषि कानूनों (अब निरस्त किये जा चुके) के खिलाफ किसानों के प्रदर्शन से संबद्ध एक ‘टूलकिट’ सोशल मीडिया पर साझा करने में कथित संलिप्तता को लेकर रवि को दिल्ली पुलिस ने 13 फरवरी 2021 को गिरफ्तार किया था।

रवि को 23 फरवरी 2021 को यहां की एक निचली अदालत ने जमानत दी थी। टूलकिट एक तरह का दस्तावेज होता है, जिसमें किसी मुद्दे की जानकारी देने के लिए और उससे जुड़े कदम उठाने के लिए विस्तृत सुझाव दिये होते हैं। आमतौर पर किसी बड़े अभियान या आंदोलन के दौरान उसमें हिस्सा लेने वाले स्वयंसेवियों को इसमें दिशानिर्देश दिए जाते हैं।

दिल्ली पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 124ए (राजद्रोह), 120-बी (आपराधिक साजिश) और 153ए(विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य को बढ़ावा देने) के तहत रवि के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।

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