बरेली जिला जेल में रची गई थी उमेश पाल की हत्या की साजिश
बरेली के एक युवक ने भी योजना बनाने में निभाई प्रमुख भूमिका, तलाश में जुटी पुलिस
बरेली, अमृत विचार। बसपा के विधायक रहे राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की हत्या की साजिश बरेली जिला जेल में ही रची गई थी। करीब सप्ताह भर की गहन छानबीन के बाद एसटीएफ के अधिकारी इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि माफिया अतीक अहमद का जिला जेल में बंद भाई अशरफ ने ही अपने सहयोगियों के साथ उमेश पाल की हत्या की योजना बनाई थी। बरेली का एक युवक इस काम में उसका खास मददगार बना था जिसे लगातार तलाश किया जा रहा है। मऊ के विधायक रहे बाहुबली मुख्तार अंसारी की भी इस हत्याकांड में भूमिका की तस्दीक करने की कोशिश की जा रही है।
एसटीएफ के सूत्रों के मुताबिक उमेश पाल की हत्या की योजना बनाने में अशरफ की मदद करने वाले बरेली के युवक को चिह्नित कर लिया गया है। अशरफ ने हत्या की योजना बनाने के दौरान इस युवक को कई जिम्मेदारियां सौंपी थीं। वह जेल में अशरफ से मुलाकात करने पहुंचने वालों के ठहरने, खाने-पीने और जेल में अशरफ से मिलवाने का इंतजाम करता था। माफिया अतीक अहमद से भी उसने इन लोगों की बात कराई थी। दरअसल, अतीक के कहने पर ही इस युवक उमेश पाल की हत्या की योजना में शामिल किया गया था। जेल के अधिकारियों की साठगांठ से अशरफ को मोबाइल फोन भी उसी ने मुहैया कराया था।
एसटीएफ के सूत्रों के अनुसार इस पूरे प्रकरण में चौंकाने वाला खुलासा यह है कि उमेश पाल की हत्या में बाहुबली मुख्तार अंसारी का भी हाथ होने के संकेत मिले हैं। इसकी पुष्टि करने के लिए लगातार छानबीन की जा रही है। उमेश पाल हत्याकांड में नए सुराग मिलने के बाद एसटीएफ ने अपनी छानबीन और तेज कर दी है। जेल में बंद अशरफ के अतीक अहमद और दूसरे लोगों से मोबाइल फोन पर बात करने का मामला सामने आने के बाद लखनऊ मुख्यालय से एसटीएफ की अलग टीम गठित की गई है जो अशरफ की सुरक्षा में तैनात जेल कर्मियों से जल्द पूछताछ कर सकती है। एसटीएफ के अफसरों को आशंका है कि जेल के स्टाफ की साठगांठ से ही अशरफ और अतीक अहमद उमेश पाल की हत्या कराने में कामयाब हुए।
एक पूर्व मंत्री की सिफारिश पर मिला था रिटायर्ड अधिकारी का मकान
उमेश पाल हत्याकांड की जांच कर रही एसटीएफ को यह भी जानकारी मिली है कि अतीक अहमद का भाई अशरफ जिस दिन प्रयागराज से बरेली जेल में शिफ्ट किया गया था, उसी दिन से यहां उसका साम्राज्य खड़ा करने के लिए उसका एक रिश्तेदार भी प्रयागराज से बरेली आ गया था। अशरफ के इस रिश्तेदार ने बरेली के युवक के साथ यहां सारे इंतजाम जुटाने शुरू किए। एक पूर्व मंत्री की सिफारिश पर फाइक एन्क्लेव में एक रिटायर्ड अधिकारी का मकान किराए पर लिया गया जहां अतीक और अशरफ के गुर्गों की बैठक होती थीं।
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