हल्द्वानी: शिकायतों का इंतजार न करें, फील्ड में उतरें और प्रोएक्टिव होकर काम करें

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Edited By Amrit Vichar
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हल्द्वानी, अमृत विचार। कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने शनिवार को कैंप कार्यालय में जनता दरबार लगाकर जनसमस्याएं सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे शिकायतों का इंतजार नहीं करें और प्रो-एक्टिव होकर कार्य करें। अधिकारी फील्ड में उतरकर निगरानी करें। 

जनता दरबार में राधिका देवी पत्नी स्व. किशन राम निवासी खड़कपुर मोटाहल्दू ने कहा कि उनके दोनों पुत्रों का विवाह हो गया है व पति की मृत्यु 2017 में हो गई थी। पुत्र उन्हें भरण पोषण के लिए खर्च नहीं दे रहे हैं जबकि एसडीएम ने इस बाबत आदेश भी दिए है। इस पर एसडीएम को आदेश के अनुपालन कराने के निर्देश दिए। 

ग्राम विकास समिति गोविन्दपुर गरवाल के लोगों ने बताया था कि उनके घर के नजदीक विद्युत विभाग का ट्रांसफार्मर लगा है। इसकी वजह से कॉलोनीवासियों में भय बना रहता है । इस पर ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने बताया कि ट्रांसफार्मर मानकों के अनुसार स्थापित किया है और उससे किसी को कोई खतरा नहीं है। वहीं आसपास  के झूलते बिजली के तारों को दुरुस्त किया गया। इस अवसर पर भूमि पर अवैध कब्जे, धोखाधड़ी संबंधी शिकायतें भी मिलीं। इनमें अधिकांश का मौके पर ही समाधान किया बाकी शिकायतों में संबंधित अधिकारियों को पूर्ण अभिलेखों के साथ पेश होने के निर्देश दिए। इस दौरान एसडीएम मनीष सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह, तहसीलदार संजय कुमार, नायब तहसीलदार सचिन कुमार आदि मौजूद थे।

शहर में अवैध कनेक्शनों का सर्वे करें, जिम्मेदार अधिकारी-कर्मी से लें स्पष्टीकरण
हल्द्वानी। आयुक्त रावत ने जल संस्थान को शहर में जल कनेक्शन का सर्वे के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहर में अवैध कनेक्शन भी दिए गए हैं, उनका चिन्हीकरण कर कार्रवाई की जाए। अवैध कनेक्शन देने में लिप्त अधिकारियों-कर्मचारियों की  जिम्मेदारी तय करते हुए स्पष्टीकरण लिया जाए।

सख्त लहजे में कहा कि सिर्फ मानकों के आधार पर ही कनेक्शन दिए जाए। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में लीकेज हो रही हैं, उनकी प्रतिदिन मानिटरिंग तथा व्हाट्सएप से लीकेज मरम्मत की प्रगति की रिपोर्ट दोपहर 12 बजे तक आयुक्त को प्रतिदिन प्रेषित की जाए।

आयुक्त ने कहा गर्मी का मौसम आ गया है, ऐसे में आग लगने का खतरा बना रहता है। जिन स्थानों पर आग बुझाने के हाइड्रेन्ट लगे हैं उनकी जांच की जाए। टंकियों में पानी समाप्त होने पर वैकल्पिक व्यवस्था से कितने समय मे हाईड्रेन्ट में पानी की आपूर्ति की जा सकती है इसका भी प्लान दिया जाए।

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