बरेली: अशरफ के गुर्गे को उठाया, जिला जेल से डीवीआर भी कब्जे में ली
बरेली, अमृत विचार। बसपा विधायक रहे राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह अधिवक्ता उमेश पाल की हत्या के मामले की जांच अब एसआईटी को सौंप दी गई है। बृहस्पतिवार को ही एसआईटी हरकत में आ गई और जिला जेल में लगे सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर को कब्जे में लेने के साथ बरेली जिला जेल में बंद माफिया अतीक अहमद के भाई अशरफ के एक गुर्गे को भी उठा लिया। इस गुर्गे से पूछताछ में जल्द बड़ा खुलासा होने की उम्मीद जताई जा रही है। उधर, जेल में अशरफ से किसी के भी मिलने पर रोक लगा दी गई है।
उमेश पाल हत्याकांड में अशरफ की भूमिका की जांच के लिए गठित एसआईटी की कमान एसपी सिटी राहुल भाटी को सौंपी गईहै। इस टीम में सीओ थर्ड आशीष प्रताप सिंह, इंस्पेक्टर अपराध शाखा सतीश कुमार व कश्मीर यादव और क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर राजवीर सिंह को शामिल किया गया है।
केस की विवेचना भी सीओ थर्ड कर रहे हैं। एसआईटी ने बृहस्पतिवार को जिला जेल में घंटों छानबीन की। इस दौरान जेल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच भी की और फिर डीवीआर को अपने कब्जे में ले लिया। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की गहराई से जांच कर यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि अशरफ से मिलने वालों में कौन-कौन शामिल था। एसआईटी ने जेल में नक्शा भी तैयार किया ताकि पूरे घटनाक्रम के हिसाब से साक्ष्यों की तलाश और जांच की जा सके।
बताया जा रहा है कि जिला जेल से कब्जे में ली गई डीवीआर से फुटेज निकालकर एसआईटी उसके आधार पर जेल में अशरफ से मिलने वालों की सूची तैयार करेगी। इसके बाद सूची में शामिल लोगों को उठाकर उनसे पूछताछ करने की योजना है। इस पूछताछ में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उन्हीं के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
अशरफ के साले सद्दाम को मकान देने वाले से होगी पूछताछ
माफिया अशरफ को बरेली जिला जेल में शिफ्ट किए जाने के बाद उसका साला सद्दाम भी बरेली आ गया था जो यहां फाइक एन्क्लेव में किराए पर एक मकान लेकर रह रहा था। एसआईटी सद्दाम को किराए पर मकान देने वाले आजमनगर निवासी मोहम्मद हसीन से भी पूछताछ करेगी। फोकस यह पता लगाने पर रहेगा कि उन्होंने किसके कहने पर अशरफ के साले को किराए पर मकानदिया था। यह भी देखा जाएगा कि पूरे घटनाक्रम में मकान मालिक की तो कोई भूमिका नहीं रही है।
जेल के सिपाही और ऑटो ड्राइवर को भेजा जेल
पुलिस ने जेल में अशरफ से मिलने आने वाले दर्जन-दर्जन भर लोगों की तय स्थान से अलग ठिकाने पर एक ही आईडी पर मुलाकात कराने के आरोप में गिरफ्तार किए गए जेल के सिपाही शिवहरि अवस्थी और मोबाइल व बाहर के खाने समेत जरूरत का सामान को अशरफ को पहुंचाने वाले ऑटो ड्राइवर नन्हे और दयाराम को बृहस्पतिवार को जेल भेज दिया। नन्हे अपने ऑटो से जेल में सब्जी पहुंचाता था। इसी दौरान अशरफ के साले सद्दाम और दोस्त लल्ला गद्दी की ओर से दिया गया सामान भी जेल में उस तक पहुंचाता था।
ऊपरी हिस्से में रह रहे व्यापारी ने भी खाली किया मकान
फाइक एन्क्लेव में हसीन के जिस मकान को किराए पर अशरफ के साले सद्दाम ने लिया था, उसी मकान का ऊपरी हिस्सा शहर के एक व्यापारी इकरार ने भी किराए पर लिया था। सद्दाम भूतल पर अपने गुर्गों के साथ रहता था जबकि इकरार ने उसी मकान में ऊपर रहता था। अब इस मामले में पुलिस की जांच शुरू होते ही इकरार ने मकान को खाली कर दिया है। अशरफ के साले के रहने की खबर आम होते ही अगल-बगल रहने वाले लोग भी डरे हुए हैं।
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