बरेल: होली पर नशे का रंग...शौकीनों ने गटकी 10 करोड़ की शराब, जानिए पूरा मामला

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। होली जैसे त्योहार पर शराब बंदी लागू करना कितना बेमानी है, इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि इस बार शौकीनों ने रंगों का यह पर्व करीब 10 करोड़ की शराब गटककर रंगीन किया दो सामान्य खपत की तुलना में करीब पांच गुना है। आमतौर पर जिले भर मे दो करोड़ की ही शराब की खपत होती है। बंदी का यह असर जरूर हुआ कि पांच मार्च को ही शराब की सेल बढ़ने लगी और सात मार्च तक चरम पर पहुंच गई।

पुराना बैर भुलाकर सौहार्द कायम करने और गले मिलकर गिले-शिकवे दूर करने की मान्यता के उलट लाखों लोगो ने हमेशा की तरह होली नशे में डूबकर मनाई। यही वजह रही कि होली पर इस बार भी जिले भर में आपराधिक वारदातें और दुर्घटनाएं बढ़ीं जिनमें कई लोग मारे गए और सैकड़ों लोग घायल भी हुए। अंग्रेजी और देसी शराब की सेल होली से तीन दिन पहले ही बढ़नी शुरू हो गई और होली से पहले शाम तक करीब 10 करोड़ रुपये की शराब बिक गई।

आबकारी विभाग के अनुसार 5, 6 और 7 मार्च को होली पर पीने का इंतजाम करने के लिए लोगों ने सर्वाधिक शराब खरीदी। आंकड़ों के मुताबिक 1 मार्च से 7 मार्च तक 12.79 लाख देसी शराब के पौव्वे, 4.34 लाख अंग्रेजी बोतलें और 9.32 लाख बीयर की बोतलें बिकीं।

इसमें 6.30 लाख देसी शराब के पौव्वे, 1.70 लाख अंग्रेजी बोतल और 3.32 लाख बीयर केन की सेल हुई। आबकारी विभाग के अधिकारियों के मुताबिक आमतौर पर जिले में हर रोज दो करोड़ रुपये की शराब बिकती है। होली नजदीक आते ही करीब 50 प्रतिशत तक सेल बढ़ जाती है। जिला आबकारी अधिकारी विजय प्रताप सिंह के अनुसार औसतन 10 करोड़ रुपये की शराब होली पर बिकी है।

अवैध शराब की खपत का कोई अंदाजा नहीं
आबकारी विभाग के इन आंकड़ों में अवैध शराब शामिल नहीं है। अवैध शराब की खपत का अंदाजा लगाना भी मुश्किल है लेकिन इतना जरूर है कि होली से कई दिन पहले से ही जिले भर के ग्रामीण इलाकों में अवैध शराब बनाने के लिए भट्ठियां शुरू हो जाती हैं।

आबकारी विभाग के छापों में अवैध शराब पकड़ी भी जाती है लेकिन पूरी तरह यह धंधा कभी नहीं रुक पाता। इसके अलावा होली पर खपाने के लिए हरियाणा समेत कई दूसरे राज्यों की शराब भी बड़े पैमाने पर पहुंचती है। इस साल तो ऐसा कोई मामला नहीं पकड़ा गया लेकिन पिछले सालों में लगातार दूसरे राज्यों की शराब पकड़ी जाती रही है।

शौकीनों के लिए सरकारी इंतजाम

-616 शराब की दुकानें हैं जिले में।
- 392 दुकानें हैं देसी शराब की।
-103 अंग्रेजी शराब की दुकानें।
-96 बीयर और 17 मॉडल शॉप।
- 08 भांग की भी लाइसेंसी दुकानें।

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