संभल : किसानों ने पैदल मार्च कर एसडीएम दफ्तर के सामने बिखेरे आलू, प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन
संभल, अमृत विचार। जिले में आलू किसानों की समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन असली ने सड़कों पर उतरकर आवाज उठाई। भाकियू के बैनर तले तमाम किसानों ने पैदल मार्च निकालने के बाद एसडीएम कार्यालय के सामने मुख्य मार्ग पर आलू बिखेरकर प्रदर्शन किया। राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। मांगें पूरी नहीं होने पर 23 मार्च को शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर एक दिन का उपवास रखने की चेतावनी दी।
भाकियू असली के पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत किसान मंडी समिति में इकट्ठा हुए। जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह यादव के नेतृत्व में किसानों ने नारेबाजी करते हुए पैदल मार्च किया। चौधरी सराय पुलिस चौकी, मोहल्ला नाला, यशोदा चौराहा, चन्दौसी चौराहा होते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचे। वहां एसडीएम दफ्तर के सामने मुरादाबाद मार्ग पर आलू बिखेरते हुए प्रदर्शन किया।
भाकियू पदाधिकारियों ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सुनील कुमार त्रिवेदी को सौंपते हुए कहा कि आलू भंडारण के समय किसान को शीतगृह से पक्की रसीद मिलनी चाहिए। पिछले वर्षों में आलू के बोरे का वजन 60 से 70 किलो और शीतगृह भंडारण शुल्क 125 रुपये था। इस साल बोरे का वजन 50 किलो करते हुए शुल्क 140 रुपये कर दिया है। यह किसानों का शोषण है। शीतगृहों में भंडारित आलू की शिफ्टिंग नहीं कराई जाती। पहली शिफ्टिंग के बाद भंडारित आलू खराब होगा तो उसके लिए किसान जिम्मेदार नहीं होगा।
शीतगृह में भंडारित आलू की लोडिंग अनलोडिंग की पल्लेदारी भंडारण शुल्क में समाहित है लेकिन अनलोडिंग के वक्त 10 रुपये प्रति बोरा पल्लेदारी वसूली जाती है। शीतगृहों में निकासी के बाद बिक्री के समय किसान का आलू एक कुंतल तीन किलो लिया जाता है और शीतगृह में खामी के कारण खराब आलू किसान के जिम्मे डाल दिया जाता है। इसे सहन नहीं किया जाएगा।
आलू किराये को लेकर उत्पीड़न कर रहे शीतगृह
किसानों ने कहा कि आलू निकासी के समय गेट पास तीन प्रतियों में होना चाहिए। 200 बोरा आलू के थोक में मानक के आधार पर 25 बोरा आलू की ही तौल की जाती है लेकिन तौल पूरे 200 बोरा आलू की वसूल की जाती है। यह सरासर गलत है। शीतगृह स्वामियों को आलू बिक्री के बाद तत्काल या निर्धारित समय सीमा में किसानों को भुगतान करना चाहिए। निदेशक उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण ने चालू वित्तीय वर्ष में आलू भंडारण के लिए सामान्य आलू किराया 230 रुपये प्रति क्विंटल और शुगर फ्री आलू किराया 260 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। जिले के शीतगृह स्वामी मनमानी करके किसानों का उत्पीड़न कर रहे हैं। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह यादव ने कहा कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो 23 मार्च को शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर एक दिन का उपवास रखा जाएगा। जयवीर सिंह यादव, चौधरी संजीव गांधी, चौधरी अर्जुन सिंह, दिलशाद, दीपक शर्मा, आशिक रजा, शंकर लाला शर्मा, प्रशांत कुमार, मोहम्मद वारिस, दानिश, हफीज, फहीम आदि रहे।
आंदोलन को लेकर पुलिस रही अलर्ट
भाकियू के बैनर तले किसानों के आंदोलन को लेकर पुलिस अलर्ट मोड पर रही। कोतवाल ओंकार सिंह पुलिस बल के साथ मुस्तैद रहे। सीओ जितेंद्र सरगम भी निगरानी करते रहे। पैदल मार्च के रास्तों पर पुलिस की मुस्तैदी रही। आंदोलन समाप्त होने पर पुलिस ने राहत की सांस ली।
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