Kanpur: इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षणों वाले 500 मरीज पहुंचे, अस्पतालों में लगा मरीजों का तांता, जानें- बचाव के उपाय

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर में इन्फ्लूएंजा जैसै लक्षणों के मरीज अस्पतालों में पहुंच रहे।

कानपुर के हैलट, उर्सला व कांशीराम अस्पताल में खांसी, जुकाम, बुखार और गले में खरास पीड़ितों का तांता लगा। जिसमें इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षणों वाले 500 मरीज पहुंच रहे।

कानपुर, अमृत विचार। बदलते मौसम में सर्दी- जुकाम, बुखार होना आम बात है, लेकिन इसी बीच इन्फ्लूएंजा (एच 3एन2 वायरस) का प्रकोप भी शुरू हो गया है। हैलट अस्पताल, जिला अस्पताल उर्सला व कांशीराम संयुक्त जिला अस्पताल की ओपीडी में शुक्रवार को पांच सौ से अधिक ऐसे मरीज पहुंचे, जिन्हें खांसी, जुकाम, सर्दी, गले में खरास, सांस में लेने में दिक्कत, थकान व कमजोरी जैसी समस्या थी। इनमें से अधिकतर इन्फ्लूएंजा पीड़ित होने की आशंका से डरे हुए थे। डॉक्टरों के मुताबिक अगर चार दिनों तक तकलीफ रहती है तो ऐसे बीमार  इंफ्लूंजा वायरस से पीड़ित हो सकते हैं। लेकिन इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
 
मेडिसिन विभाग के डॉ.जेएस कुशवाहा ने बताया कि एच3एन 2 वायरस के प्रसार को रोकने के लिए संदिग्ध मरीजों की जांच जरूरी है। बुखार, शरीर में दर्द, बिना बलगम के खांसी आना, चेहरा लाल होना आदि  इसके प्रमुख लक्षण हैं। 
 
सीएमओ डॉ. आलोक रंजन ने जिले में एच3एन2 वायरस के संबंध में सतर्कता बरतने व संदिग्ध मरीजों की जांच कराने के संबंध में निर्देश जारी किए हैं। चिकित्सकों के मुताबिक एक समान लक्षण होने के कारण वायरपस से पीड़ित होने की पहचान का तरीका केवल जांच ही है। एक व्यक्ति के एच3एन2 वायरस की चपेट में आने से पूरा परिवार संक्रमित हो सकता है लक्षण महसूस होते ही जांच कराएं, नहीं तो पूरे परिवार की सेहत खतरे में पड़ सकती है। 

 

डायरिया की चपेट में हैं तो हो सकता इन्फ्लूएंजा

डॉक्टरों के मुताबिक एच3एन2 वायरस की चपेट में आने पर डायरिया भी हो सकता है। इससे पीड़ित व्यक्ति को स्वाद का पता नहीं चलता और प्यास भी कम लगती है। शरीर कमजोर होने से अन्य संक्रमण की चपेट में आने की आशंका भी बढ़ जाती है। कोरोना अगर पैनडेमिक रहा, तो एच3एन2 एपिडेमिक है। सही समय पर सही इलाज से मरीज स्वस्थ हो जाते हैं, लेकिन इसकी प्रसार क्षमता कोरोना की दूसरी लहर जैसी ही है। 

 

बचाव के उपाय

1. फ्लू के लक्षण होने पर दिन में चार बार भाप लें।
2. संक्रमित व्यक्ति और परिवार के लोग मास्क का प्रयोग करें।
3. हाथ धोते रहें, सार्वजनिक स्थानों पर जाने से बचें।
4. पौष्टिक आहार, फल और ताजी सब्जियों का सेवन करें।
5. लक्षण महसूस होने पर विशेषज्ञ डॉक्टर को दिखाएं। 
6. इन्फ्लूएंजा वैक्सीन लगवाने से राहत संभव है।

 

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