‘हाइब्रिड’ कार्य संस्कृति के बावजूद 78% भारतीय पेशेवरों को दफ्तर जाना पसंद: सर्वे 

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Edited By Amrit Vichar
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मुंबई। देश में कोविड महामारी का प्रकोप कम होने के बावजूद हाइब्रिड (घर और दफ्तर से काम की सुविधा) कार्य संस्कृति जारी है, लेकिन भारतीय पेशेवर दफ्तर जाना पसंद कर रहे हैं। एक सर्वे में कहा गया है कि 10 में से आठ यानी करीब 78 प्रतिशत पेशेवर अपने सहयोगियों के साथ मेलजोल और जुड़ाव के लिए कार्यालय जाना पसंद करते हैं।

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पेशेवर नेटवर्क मंच लिंक्डइन की रिपोर्ट के अनुसार, सर्वे में शामिल 78 प्रतिशत पेशेवरों ने कहा कि वे अपनी पसंद के अनुरूप कार्यालय जा रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, सर्वे में शामिल 86 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे एक साल पहले की तुलना में काम पर जाने के बारे में सकारात्मक महसूस करते हैं।

 लिंक्डइन की यह रिपोर्ट 1,001 से अधिक 18 वर्ष की उम्र से ऊपर के भारतीय कर्मचारियों की राय पर आधारित है। यह सर्वे 28 फरवरी से छह मार्च, 2023 के बीच किया गया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि महामारी के बाद फिर से कार्यालय खुलने पर हाइब्रिड कार्य प्रणाली पर सवाल उठाए गए। साथ ही यह भी सवाल उठाया गया कि कार्यालय में समय की कमी और कम दृश्यता होने से किसी के करियर पर असर पड़ेगा।

लिंक्डइन की एक रिपोर्ट से पता चला है कि 63 प्रतिशत कर्मचारियों को लगता है कि दूर से काम करने से उनके करियर पर कोई हानिकारक प्रभाव नहीं पड़ता है। हालांकि, इतने ही प्रतिशत लोगों का मानना ​​है कि अगर वे कार्यालय में कम समय बिताते हैं तो उनके करियर वृद्धि की संभावना कम हो सकती है।

लिंक्डइन की प्रबंध संपादक नीरजिता बनर्जी ने कहा, ‘‘कार्यालय में काम करने की बात आती है, तो हम मानसिकता में बदलाव देखना शुरू कर रहे हैं। हालांकि, भारतीय पेशेवर लचीले काम के विकल्प को पसंद करते हैं, लेकिन वे कार्यालय से काम करने का भी फायदा ले रहे हैं। इससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने, सहयोग और ‘टीम वर्क’ में सुधार करने और नए मौके तलाशने में मदद मिलती है।’’ 

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