अयोध्या: स्वास्थ्य मॉडल पर दिया पेयजल शुद्धिकरण व आदर्श ग्राम का संदेश
22 दिवसीय फील्ड प्रशिक्षण के बाद एएनएम ने प्रस्तुत किए अलग-अलग मॉडल
अमृत विचार, अयोध्या। कम्युनिटी हेल्थ नर्सिंग पाठ्यक्रम के 22 दिवसीय फील्ड प्रशिक्षण के बाद प्रथम वर्ष की प्रशिक्षु एएनएम ने फील्ड में मिली जानकारियों को स्वास्थ्य मॉडल के रूप में प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा उकेरी। प्रशिक्षु एएनएम के छह समूहों ने अलग-अलग मॉडल का प्रस्तुतिकरण दिया, जिसमें आदर्श ग्राम, जल संरक्षण व जल शुद्धिकरण पर विशेष जोर दिया गया।
गुरुवार को दर्शननगर स्थित एएनएम प्रशिक्षण केंद्र पर आयोजित इस कार्यक्रम में पहुंचे मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय राजा ने प्रशिक्षु एएनएम की ओर से प्रस्तुत किए गए स्वास्थ्य मॉडल का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित एवं योग्य एएनएम ही भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण कुंजी होंगी। उन्होंने बताया कि प्रस्तुतिकरण के लिए सभी प्रशिक्षु एएनएम के छह समूह थे, पहले समूह का विषय सीएचसी मॉडल, दूसरे समूह ने शहरी क्षेत्र में मलिन बस्ती में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने का मॉडल प्रस्तुत किया। तीसरे समूह ने उपकेन्द्र और आंगनवाड़ी पर बेहतर सेवाओं के लिए आवश्यक व्यस्थाओं बेहतर करने पर जोर दिया गया। वहीं चौथे समूह ने पेयजल शुद्धिकरण का मॉडल पेश किया। पांचवे समूह ने पीएचसी पर स्वास्थ्य सेवाओं का मॉडल पेश किया जबकि छठे समूह ने आदर्श ग्राम कैसा होना चाहिए इस मॉडल प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर नोडल एएनएम प्रशिक्षण डॉ. वेद प्रकाश त्रिपाठी, उप जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राजेश चौधरी, डॉ. अरविंद श्रीवास्तव, पटल सहायक योगेंद्र तिवारी सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
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