हल्द्वानीः यूरोलॉजी विभाग को दो साल बाद मिली ऑपरेशन के लिए दूरबीन

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

लक्ष्मण मेहरा, हल्द्वानी, अमृत विचार। सुशीला तिवारी अस्पताल के यूरोलॉजी विभाग में किडनी की पथरी और प्रोस्टेट (मूत्र विकार) से संबंधित बीमारियों के ऑपरेशन के लिए दूरबीन पहुंच गई है। यह मशीन करीब दो साल बाद विभाग को मिली है। अब तक यूरोलॉजिस्ट स्वयं की व्यवस्था से मरीजों के ऑपरेशन कर रहे थे।

राजकीय मेडिकल कॉलेज के अधीन सुशीला तिवारी अस्पताल में प्रतिदिन 1500 से अधिक मरीज इलाज के लिए आते हैं। इनमें 100 से ज्यादा मरीज ऐसे होते हैं, जिन्हें किडनी में पथरी, यूरेटर, ब्लैडर तथा मूत्र विकार से संबंधित समस्याएं होती हैं। जिन्हें जांच के लिए यूरोलॉजी विभाग में भेजा जाता है। 

हैरानी की बात है कि अस्पताल का यूरोलॉजी विभाग पिछले दो साल से दूरबीन के बिना चल रहा था। दूरबीन का प्रयोग बिना चीरा लगाए किडनी की पथरी, गुर्दे की पथरी को निकालने तथा मूत्र विकार संबंधी बीमारियों के ऑपरेशन में किया जाता है। विभाग की ओर से कई बार दूरबीन के लिए कॉलेज प्रशासन से मांग की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर यूरोलॉजिस्ट डॉ. लक्ष्मण पाल ने स्वयं दूरबीन की व्यवस्था की और मरीजों के ऑपरेशन करने शुरू किए।

यूरोलॉजिस्ट डॉ. लक्ष्मण पाल ने बताया कि विभाग को किडनी की पथरी और प्रोस्टेट (मूत्र विकार) से संबंधित बीमारियों के ऑपरेशन के लिए दूरबीन मिली है। जिसकी कीमत लगभग सवा करोड़ के आसपास है। जल्द ही मशीन को स्थापित करने का काम शुरू हो जायेगा। बताया कि अस्पताल में हर माह किडनी की पथरी और मूत्र विकार संबंधी 70 से 80 मरीजों के ऑपरेशन किये जाते हैं।

जल्द दो और नई मशीन मिलने की उम्मीद

एसटीएच के यूरोलॉजी विभाग में दूरबीन लगने के बाद अब लेजर और स्टोन तोड़ने की मशीन के जल्द लगने की उम्मीद है। बताया जाता है कि नए वित्तीय वर्ष में बजट जारी होने के बाद मशीनों को खरीदने के लिए टेंडर जारी हो सकता है।

यह भी पढ़ें- टनकपुरः डीएम और एसपी ने शारदा नदी क्षेत्र का किया निरीक्षण, दिये आवश्यक दिशा-निर्देश

संबंधित समाचार