खालिस्तान समर्थक समूह द्वारा धमकी मिलने के बाद CM हिमंत बिस्वा सरमा की सुरक्षा बढ़ी 

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Edited By Amrit Vichar
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गुवाहाटी। असम पुलिस ने ‘भारतीय कानून के तहत नामित आतंकवादी’ की ओर से धमकी मिलने के बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की सुरक्षा बढ़ा दी है। असम के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) जी.पी. सिंह ने कहा कि वे केंद्रीय एजेंसियों के संपर्क में हैं और इस मामले में स्पेशल टास्क फोर्स थाने में एक मामला भी दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा, “हमने मुख्यमंत्री को सुरक्षा कवच की जानकारी दी है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। भारतीय दंड संहिता और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत जो भी कानूनी कार्रवाई की जानी है, हम उन्हें उचित समय पर करेंगे।” 

उल्लेखनीय है कि कथित ऑडियो क्लिप में खालिस्तान समर्थक नेता ने कथित तौर पर कहा, “यह संदेश असम के मुख्यमंत्री हिमंत सरमा के लिए है। आपकी सरकार असम में खालिस्तान समर्थक सिखों को प्रताड़ित कर रही है। साथ ही जेल में बंद लोगों पर अत्याचार भी कर रही हैं। ध्यान से सुनिए, मुख्यमंत्री सरमा, लड़ाई खालिस्तान समर्थक सिखों और भारतीय शासन के बीच है। सरमा, आपको इस हिंसा का शिकार नहीं होना चाहिए। हम खालिस्तान जनमत संग्रह की शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए पंजाब को भारतीय कब्जे से मुक्त कराने की मांग कर रहे हैं। सरमा, अगर आपकी सरकार सिखों को प्रताड़ित और परेशान करने जा रही है, तो आपको जवाबदेह ठहराया जाएगा।” 

डीजीपी ने कहा कि भारत ने एक जुलाई, 2020 को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत पूर्व-रिकॉर्डेड ऑडियो क्लिप भेजने वाले गुरपतवंत सिंह पन्नून को आतंकवादी घोषित किया था। वह जिस समूह का नेतृत्व कर रहा था, वह ‘सिख फॉर जस्टिस’ था, जो 2019 में प्रतिबंधित कर दिया गया था। इस बीच, प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन उल्फा (आई) ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को धमकी जारी करने के बाद खालिस्तानी समर्थक समूह ‘सिख फॉर जस्टिस’ को एक खुला पत्र लिखा है। 

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