काशीपुर: सरकार से आरक्षित वर्गों को आरक्षण प्रदान करने की मांग
काशीपुर, अमृत विचार। अनुसूचित जाति जनजाति शिक्षक एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री, राज्यपाल, शिक्षा मंत्री से उत्तराखंड राज्य शैक्षिक (अध्यापक संवर्ग) राज्य पत्रित सेवा नियमावली 2022 आरक्षित वर्गों को आरक्षण प्रदान करने की मांग की है। ऐसा नहीं होने पर एसोसिएशन ने प्रधानाचार्य पदों पर विभागीय भर्ती का विरोध करने की चेतावनी दी है।
सोमवार को एसोसिएशन जिलाध्यक्ष हरिओम सिंह के नेतृत्व में शिक्षकों ने मुख्यमंत्री, राज्यपाल, शिक्षा मंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम कार्यालय के एक कर्मचारी को सौंपा। जिसमें कहा गया कि उत्तराखंड शासन के माध्यमिक शिक्षा अनुभाग-1 द्वारा उपरोक्त नियमावली में माध्यमिक विद्यालयों में निश्चित अनुभव प्राप्त प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता एवं सहायक अध्यापक एलटी पदों में कार्यरत शिक्षकों से प्रधानाचार्य के 50 फीसदी पदों को सीमित विभागीय परीक्षा द्वारा भरे जाने के लिए नियमावली जारी की गई है।
उपर्युक्त नियमावली के बिंदु संख्या-21 में स्पष्ट लिखा गया है कि लोक सेवा आयोग से आयोजित इस विभागीय परीक्षा में सीधी भर्ती के समान एससी, एसटी, ओबीसी तथा अन्य विशेष श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए कोई आरक्षण देय नहीं होगा। इस सेवा नियमावली के बिंदु संख्या-21 को अनुसूचित जाति जनजाति शिक्षक एसोसिएशन संविधान के मूल दर्शन सामाजिक न्याय के विरूद्ध मानता है, जबकि वर्तमान में प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक एवं प्रधानाचार्य पदों पर एससी-एसटी वर्ग का प्रतिनिधित्व 19 व 4 के सापेक्ष 1.2 फीसदी तक सिमट कर रह गया है। ऐसी स्थिति में इन पदों पर इन वर्ग का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाने की नितांत आवश्यकता है।
वर्तमान में केन्द्रीय विद्यालयों में इस वाइस प्रिंसिपल एवं प्रिंसिपल पदों की सीधी एवं विभागीय दोनों भर्ती परीक्षाओं में संवैधानिक प्रतिनिधित्व अर्थात आरक्षण देय है। इस आधार पर उत्तराखंड की उपर्युक्त नियमावली में भी आरक्षण के प्रावधान लागू किया जा सकता है। ज्ञापन देने में जिलाध्यक्ष हरिओम सिंह, प्रांतीय उपाध्यक्ष डीआर बाराकोटी, प्रान्तीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष आनंद सिंह विद्रोही, राजेन्द्र, महेश बाराकोटी, गणेश प्रसाद आर्या आदि उपस्थित रहे।
