जम्मू-कश्मीर: सात माह में 26 शीर्ष आतंकी कमांडर ढेर, रास्ता भटके 16 युवा पहुंचे घर

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कुपवाड़ा। जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिलबाग सिंह ने हंदवाड़ा मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष कमांडर नसीरुद्दीन लोन समेत दो आतंकवादियों के मारे जाने को सुरक्षाबलों के लिए बड़ी कामयाबी बताया है। गुरुवार को उन्होंने कहा कि घाटी में सक्रिय अधिकतर आतंकवादी संगठनों के शीर्ष नेतृत्व का सफाया किया जा चुका है। साथ ही 16 …

कुपवाड़ा। जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिलबाग सिंह ने हंदवाड़ा मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष कमांडर नसीरुद्दीन लोन समेत दो आतंकवादियों के मारे जाने को सुरक्षाबलों के लिए बड़ी कामयाबी बताया है। गुरुवार को उन्होंने कहा कि घाटी में सक्रिय अधिकतर आतंकवादी संगठनों के शीर्ष नेतृत्व का सफाया किया जा चुका है। साथ ही 16 युवा आतंक का रास्ता छोड़कर अपने परिवारों के पास लौट आए हैं।

डीजीपी ने कहा कि सुरक्षाबलों ने पिछले सात महीनों के दौरान विभिन्न घेराबंदी एवं तलाश अभियान चलाकर बड़े आतंकवादी संगठनों के 26 शीर्ष कमांडरों काे मार गिराया है।

डीजीपी दिलबाग सिंह ने हंदवाड़ा मुठभेड़ में लश्कर के दो आतंकवादियों के मारे जाने के बाद पत्रकारों को बताया कि नियंत्रण रेखा पर सुरक्षाबलों की कड़ी सतर्कता और एहतियात के कारण पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से होने वाली घुसपैठ में भी भारी कमी आई है। पाकिस्तान की सेना समय-समय पर संघर्ष विराम का उल्लंघन कर आतंकवादियों को भारतीय सीमा में प्रवेश कराने की कोशिश करती है।

उन्होंने बताया कि आतंकवादियों के छिपे होने की खुफिया सूचना के आधार पर सीमावर्ती कुपवाड़ा जिले में हंदवाड़ा के गनीपोरा क्रालगुंड में राष्ट्रीय राइफल्स, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह ने बुधवार की रात एक संयुक्त घेराबंदी एवं तलाश अभियान छेड़ा था। सुरक्षा बल के जवान जब लक्षित इलाके की ओर बढ़ रहे थे, तभी वहां छिपे हुए आतंकवादियों ने स्वचालित हथियारों से अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई में गोलियां चलाई जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गयी।

इस मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष कमांडर नसीरुद्दीन लोन समेत दो आतंकवादी मारे गये थे। नसीर अप्रैल-मई में बारामूला के सोपोर और कुपवाड़ा के हंदवाड़ा में आतंकवादी हमले में शामिल था। इन दोनों हमलों में सीआरपीएफ के जवान शहीद हुए थे। पुलिस प्रमुख ने कहा कि बारामूला मुठभेड़ में लश्कर के शीर्ष कमांडर सज्जाद अहमद मीर उर्फ़ हैदर के मारे जाने के बाद नसीर उत्तर कश्मीर में बड़े आतंकवादी हमले की योजना बना रहा था।

जम्मू-कश्मीर के पुलिस प्रमुख ने कहा, सज्जाद हैदर ने बड़ी संख्या में स्थानीय युवकों को आतंकवाद के लिए भर्ती किया था। पिछले कुछ दिनों में सुरक्षा बलों ने कुछ युवाओं को गिरफ्तार किया है, जो आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने की राह पर थे। हाल की मुठभेड़ों में मारे गए आतंकी इन युवाओं को भर्ती करने में शामिल थे। उन्होंने कहा, इस साल हम 16 युवाओं को वापस ले आए हैं, जो आतंकी गतिविधियों में शामिल हो गए थे। उन्हें उनके परिवारों को लौटा दिया है।

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