शाहजहांपुर: डीएम के सुरक्षाकर्मियों ने गेट पर रोका तो भड़क उठे वकील, नारेबाजी कर किया प्रदर्शन
कानपुर के जिला न्यायाधीश की कार्यप्रणाली के विरोध में पहुंचे थे डीएम को ज्ञापन देने
शाहजहांपुर, अमृत विचार। कानपुर के जिला न्यायधीश की कार्यप्रणाली के विरोध में डीएम ज्ञापन देने कलेक्ट्रेट पहुंचे वकीलों की सुरक्षा कर्मियों से नोकझोक हो गई। डीएम कार्यालय से पहले चैनल के पास रोके जाने पर धक्का मुक्की हुई। इस दौरान वकीलों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में डीएम को ज्ञापन देकर अधिवक्ता लौट गए। अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य भी नहीं किया।
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सेंट्रल बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरेंद्र कुमार राजवंशी और संयुक्त सचिव गजेंद्र बहादुर श्रीवास्तव के नेतृत्व में वकील प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर कानपुर जनपद के न्यायाधीश संदीप जैन की अधिवक्ताओं के प्रति कार्यप्रणाली के विरोध में गुरूवार दोपहर करीब 12: 30 बजे पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश को संबोधित ज्ञापन देने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचे।
चूंकि ज्ञापन लेने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट को अधिकृत किया गया है, इसलिए अधिवक्ता नारेबाजी करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट कक्ष की ओर गए, जहां पता चला कि सिटी मजिस्ट्रेट अपने कक्ष में नहीं हैं। इस पर वकीलों ने जिला अधिकारी कार्यालय की ओर रूख किया। सबसे आगे महिला अधिवक्ता चल रहीं थीं।
जिलाधिकारी कार्यालय की ओर बढ़ने पर चैनल के पास बैठे सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोक दिया। इतने पर बात बिगड़ गई। सुरक्षा कर्मियों में शामिल महिला-पुरूष होमगार्ड व पुलिस वालों का कहना था कि बिना अनुमति नहीं जाने दिया जाएगा। जबकि अधिवक्ताओं का कहना था कि उन्होंने ज्ञापन देने का कार्यक्रम पहले से ही निर्धारित कर रखा था और इसकी सूचना प्रशासन को पहले से ही दे रखी थी, ऐसे में सिटी मजिस्ट्रेट के नहीं मिलने पर वह लोग अपना ज्ञापन जिला अधिकारी को देंगे।
इसी बीच कुछ वकीलों ने आगे बढ़ने की कोशिश की तो सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें चैनल से बाहर रोकने के लिए धक्का दे दिया। इससे बात और बिगड़ गई। वकीलों ने भी जोर आजमाइश शुरू कर दी। आखिरकार अधिवक्ता चैनल को पार कर जिला अधिकारी कार्यालय गेट पर पहुंच गए।
इसी बीच सूचना मिलते ही सीओ बीएएस बीर कुमार भी पहुंच गए और उन्होंने मामले को शांत करने की कोशिश की लेकिन अधिवक्ता पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। वहीं कुछ लोगों ने कार्यालय में प्रयागराज उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा और चैनल के पास रोके जाने को लेकर पुलिस की शिकायत भी दर्ज कराई।
जिस पर डीएम ने अधिवक्ताओं को यह कह कर शांत कर दिया कि ऐसा नहीं होना चाहिए था। बाद में वकील ज्ञापन देने के बाद लौट गए। इस दौरान राजेश अवस्थी, आलोक द्विवेदी, दिनेश चंद्र राजवंशी, संजय मिश्रा, धर्मेंद्र मोहन मधुकर, नंदकिशोर, मोहम्मद जुबैर खां आदि अधिवक्ता शामिल थे।
प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर कानपुर जनपद के न्यायाधीश संदीप जैन की अधिवक्ताओं के प्रति कार्यप्रणाली के विरोध में पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश को संबोधित ज्ञापन डीएम को देने पहुंचे थे, जहां सुरक्षाकर्मियों ने चैनल के पास अनावश्यक तरीके से रोक लिया। सुरक्षा कर्मियों ने धक्का-मुक्की भी की। इस संबंध में डीएम से कहा गया तो उन्होंने भी इसे गलत ठहराया। डीएम को बाद में ज्ञापन दे दिया गया।
हरेंद्र कुमार राजवंशी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सेंट्रल बार एसोसिएशन
कुछ गलत फहमियों की वजह से अधिवक्तों से सुरक्षा कर्मियों के बीच मामूली नोकझोक हो गई, जिसे बाद में समझाकर शांत कर दिया गया। अधिवक्ता डीएम को ज्ञापन देकर चले गए---बीएस वीर कुमार, सीओ सिटी।
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