अमेठी में गरीब के आशियाने पर चला बुल्डोजर, मकान मालिक का आरोप नहीं दिया नोटिस
अमृत विचार, अमेठी। तिलोई राजस्व विभाग में सब कुछ अलग होते हुए भी सब ठीक चल रहा है। अगर आपकी सफेदपोश नेताओं से जरा भी पकड़ है या फिर सिक्कों की खनक पर राजस्व विभाग टीम से कुछ भी करवा सकते है। चाहें तो गरीबों के आशियाने पर बुल्डोजर चलवा सकते है और चाहे तो भूमाफियाओं के अतिक्रमण को सुरक्षित रख सकते हैं। जी हां यह सारी बातें हम नहीं कह रहे है। बल्कि राजस्व टीम द्वारा किये गए क्रमवार उनके कारनामें बता रहें हैं। डीएम राकेश कुमार मिश्र तहसील दिवस और थानों पर आयोजित समाधान दिवस में हर बार दोहराते हुए यही कहते हैं कि जमीन से जुड़ी हर एक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मौके पर जाकर निस्तारण करें। क्योंकि कभी कभी जमीन से जुड़ी छोटी छोटी शिकायतें ही बड़ी-बड़ी घटनाओं में तब्दील हो जाती है। लेकिन आपकी पकड़ किसी सत्ताधारी नेता या फिर सिक्कों की खनक में दम है तो सही को गलत करवा सकते हैं और गलत को सही करवा सकतें है।
गुरुवार को नायब तहसीलदार अशोक कुमार कुशवाहा के नेतृत्व में राजस्व निरीक्षक राजेन्द्र प्रसाद, लेखपाल शिव ओम, मनोज कुमार गौतम व आलोक यादव पुलिस टीम के साथ कोतवाली जायस अन्तर्गत ग्राम पंचायत मवई आलमपुर के गांव आलमपुर में बुल्डोजर के साथ पहुंचे। अर्धनिर्मित मकान जेसीबी से ढहा दिया। उस दौरान मकान मालिक अपने पुराने घर पर था। मकान मालिक राम सजीवन ने कहा कि जिस समय पुलिस की टीम और राजस्व कर्मी पहुंचे थे उस समय अर्धनिर्मित मकान में ताला लटका था। उन्होंने बताया कि यह सारे क्रिया कलाप प्रधान के इशारे पर हो रहा है। इससे पहले भी प्रधान पर जमीनों को खाली कराकर बेंचने का आरोप लगा है और उसकी शिकायत एसडीएम से लेकर डीएम तक की जा चुकी है। जबकि आरोप है कि इससे पहले सार्वजनिक शौचालय के बगल हुए अवैध कब्जेदारी की शिकायत पर पैमाइश के दौरान ढहाए गए अर्धनिर्मित मकान उसकी बैनामें की जमीन में आया था। लेकिन सच में जहां पर अवैध कब्जेदारी हुई है उसे न ढहाकर एक सफेद पोश नेता के इशारे पर बदले की भावना से कार्यवाही किये जाने का आरोप लगा है। आरोप है कि बगल में ही मेले की जमीन पर जो कब्जेदारी हुई है उस पर कोई कार्यवाही नहीं कि गई है। जबकि उस पर कब्जा हटाने के लिए पहले से ही एसडीएम ने आदेश कर रखा है। राजस्व टीम द्वारा भेदभाव से की गई कार्यवाही के कारनामे लंबे है जो इस प्रकार है.........
केस एक- नगर पालिका में मस्जिद के पीछे बेशकीमती तालाब की जमीन पर हो रहे कब्जे की शिकायत पर नायब तहसीलदार अशोक कुमार कुशवाहा बुल्डोजर लेकर पुलिस की संयुक्त टीम के साथ अवैध निर्माण को ढहाने के लिए गए थे, लेकिन खादी की धमक के आगे निर्माण बिना ढहाए बुल्डोजर के साथ उन्हें बैरंग वापस लौटना पड़ा था।
केस दो- थाना क्षेत्र जायस के ग्राम पंचायत खरौली के गांव पूरे कोलई में पश्चिम छोर पर हो रहे निर्माण कार्य को रोकने में विफल रहे और कागजों में कानूनी कार्यवाही को उलझा दिया लेकिन उसे ढहाने में भी असफल रहे हैं। हालांकि उसमें एक पार्टी द्वारा राजस्व निरीक्षक पर पैसे मांगने का आरोप लगाया था।
केस तीन- कोतवाली क्षेत्र जायस के ही ग्राम पंचायत मवई आलमपुर के गांव आलमपुर में राम लखन की भूमि धरी जमीन पर गांव के ही कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जा किया गया है। एसडीएम के आदेश पर तत्कालीन राजस्व निरीक्षक रहे रमाशंकर पांडे के नेतृत्व में राजस्व कर्मी व पुलिस की संयुक्त टीम बुल्डोजर के साथ पैमाइश के बाद चिन्हांकन करने पर अवैध निर्माण ढहाने गई थी। लेकिन अतिक्रमणियों द्वारा कड़े विरोध के बाद वहां से भी उन्हें बैरंग अधूरा काम छोड़कर भागना पड़ा था।
केस चार- क्षेत्र में सैकड़ों बीघे तालाब की जमीन पर गेहूं की फसल उगकर तैयार हुई थी। जिसे राजस्व टीम ने क्षेत्रीय लेखपालों द्वारा चिन्हांकन कराकर नीलामी कराने की घोषणा की थी। हालांकि इसमें भी कुछ भूमाफियाओं ने सेटिंग गेटिंग कर ली। बचे भूमाफियाओं ने खादी की शरण ली और यहां भी राजस्व टीम अपने मंसूबे पर खरा न उतर पाई, और भूमाफियाओं द्वारा तैयार की गई गेहूं की फसल को काट लिया गया।
न कोई सूचना न ही नोटिस, सीधे हुई कार्यवाही
मकान मालिक राम सजीवन ने बताया कि साढ़े नौ बिस्वा जमीन खरीदी थी। उसी में दो दशक पहले कुछ हिस्से में नींव भरवाकर छप्पर रखकर गुजर बसर कर रहा था। अगर निर्माण तालाब की भूमि में हो रहा था तो उसकी सूचना देनी थी। लेकिन न किसी ने सूचना दी और न ही किसी ने जगह खाली करने की नोटिस दी। गुरुवार को जब मकान गिर गया तो घटना की ग्रामीणों से मुझे सूचना मिली।
कोतवाली क्षेत्र जायस के गांव आलमपुर में व्हाट्सअप पर शिकायत मिली थी कि तालाब की जमीन पर निर्माण किया जा रहा है, तहसीलदार के आदेश पर उस निर्माण को ढहाया गया है, नगर पालिका क्षेत्र में मस्जिद के पीछे भाजपा नेता द्वारा तालाब की जमीन पर अवैध निर्माण किया जा रहा था, उसे गिराने बुल्डोजर के साथ गया था, लेकिन किसी कारणों बस बिना अवैध निर्माण गिराए ही वापस आना पड़ा था, कुछ चीजें होती है जो बताई नहीं जा सकती। - अशोक कुमार कुशवाहा, नायब तहसीलदार तिलोई
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