शक्तिफार्म: नहीं हटीं निजी प्रकाशकों की पुस्तकें, मनमानी के आगे विभाग नतमस्तक

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Edited By Amrit Vichar
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विभाग के उदासीन रवैये को लेकर लोगों में आक्रोश

अभिभावकों ने सरकार की भूमिका पर भी उठाए सवाल

शक्तिफार्म, अमृत विचार। निजी विद्यालयों के मनमानी के आगे मानो शिक्षा विभाग भी नतमस्तक हो चुका है। आलम यह है कि गत दिनों विभाग द्वारा निजी प्रकाशकों की किताबों के खिलाफ चलाई गई छापेमारी के बावजूद भी स्कूलों में निजी प्रकाशकों की किताबें बदस्तूर चलाई जा रही हैं। निजी विद्यालयों की इस मनमानी ने गरीब तबके के अभिभावकों की कमर तोड़ कर रख दी है। मामले में छापेमारी के अलावा कोई ठोस कार्रवाई न होने से अभिभावकों में आक्रोश है। उन्होंने सरकार की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं।

विद्यालयों में निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें लगाए जाने की खबर के बाद हरकत में आए शिक्षा विभाग की ओर से तीन सदस्यीय टीम ने क्षेत्र के कई निजी विद्यालयों में औचक निरीक्षण किया था। टीम पहुंचने से पूर्व ही अधिकांश विद्यालयों को इसकी भनक लग चुकी थी। नतीजा यह रहा कि क्षेत्र के महज दो निजी विद्यालयों में ही निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें मिलीं।

जिस पर शिक्षा विभाग ने नोटिस देते हुए दोनों विद्यालयों से, निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें चलाई जाने को लेकर स्पष्टीकरण मांगा था। विद्यालयों ने अपनी ओर से स्पष्टीकरण तो दे दिया, परंतु बावजूद इसके विद्यालयों में निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें जस की तस संचालित हो रही हैं। शिक्षा विभाग ने एक बार छापामारी कर अपने कर्तव्य की इतिश्री समझ ली है। जिससे लोगों में विभाग के प्रति आक्रोश है। उन्होंने मामले में ठोस कार्रवाई की मांग की है।

छापेमारी के दौरान जिन विद्यालयों में निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें चलाते हुए पाई गई, उन विद्यालयों से स्पष्टीकरण मांगा गया था। विद्यालयों ने स्पष्टीकरण दे दिया है। इसकी रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को प्रेषित कर दी गई है। विभागीय उच्चाधिकारियों की ओर से जो भी निर्देश मिलेगा, उस पर कार्यवाही की जाएगी।- डीएस राजपूत, खंड शिक्षा अधिकारी, सितारगंज

 

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