बरेली: विधायक पर दोहरी चोट... हाईकमान ने सुनी नहीं, अब प्रतिनिधि भी बागी
फतेहगंज पश्चिमी में विधायक की तगड़ी पैरवी के बावजूद टिकट न मिलने पर प्रतिनिधि ने अपनी पत्नी का कराया निर्दलीय नामांकन
बरेली, अमृत विचार। भाजपा को फतेहगंज पश्चिमी में नगर पंचायत अध्यक्ष पद का प्रत्याशी तय करने में सबसे ज्यादा कशमकश का सामना करना पड़ा। विधायक डीसी वर्मा अपने प्रतिनिधि संजय चौहान की पत्नी को टिकट दिलाने के लिए एड़ी से चोटी का जोर लगाते रहे, दूसरी ओर व्यापारी नेता आशीष अग्रवाल अपनी पत्नी के लिए दिल्ली और लखनऊ की दौड़ लगाते रहे। आखिरकार विधायक की तमाम पैरवी की बावजूद लखनऊ-दिल्ली की दौड़ ही कामयाब हुई लेकिन आशीष की पत्नी को टिकट मिलने के बाद संजय चौहान भी बगावत कर गए और उन्होंने अपनी पत्नी का निर्दलीय नामांकन करा दिया।
फतेहगंज पश्चिमी में पहले से जद्दोजहद चल रही थी, अब मुकाबला और दिलचस्प हाे गया है। हालांकि पार्टी के मंडल अध्यक्ष एवं विधायक प्रतिनिधि संजय चौहान के बगावत कर अपनी पत्नी जयंती चौहान को निर्दलीय मैदान में उतारने से वरिष्ठ नेता सकते में आ गए हैं। भाजपा दो खेमों में भी बंटती दिखने लगी है।
भाजपा ने आशीष अग्रवाल की पत्नी प्रीति को प्रत्याशी घोषित किया है। आशीष लखनऊ और दिल्ली में बैठे नेताओं के दम पर पत्नी काे टिकट दिलाने में कामयाब रहे। सोमवार को उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद संतोष गंगवार समेत कई और वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में पत्नी प्रीति का नामांकन पत्र भरवाया।
उधर, भाजपा के सूत्रों के मुताबिक संजय चौहान की पत्नी के नामांकन में पार्टी के कई और मंडल अध्यक्ष भी शामिल हुए थे। इससे पार्टी में खेमे बनने की चर्चा शुरू हो गई है। कहा जा रहा है कि कहीं ऐसा न हो कि भाजपा प्रत्याशी का चुनाव भितरघात का शिकार हो जाए। उधर, संजय चौहान पर कार्रवाई का भी अंदेशा जताया जा रहा है।
जेठानी-देवरानी की लड़ाई चुनाव मैदान में
फतेहगंज पश्चिमी नगर पंचायत के अध्यक्ष पद के लिए जेठानी-देवरानी की लड़ाई भी वोटरों के लिए दिलचस्प हो सकती है। दरअसल, भाजपा नेता संजय चौहान ने अपनी पत्नी जयंती चौहान का निर्दलीय नामांकन कराया है लेकिन उनके छोटे भाई सचिन चौहान भी अपनी पत्नी प्रेरणा का निर्दलीय पर्चा दाखिल करा दिया है। नामांकन कराने के बाद दोनों ने वोटरों के साथ बैठकें भी शुरू कर दी हैं।
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