अयोध्या: गिरने लगा सरयू का जलस्तर, बढ़ा कटान का खतरा
अयोध्या, अमृत विचार। उफनाई सरयू का आवेग धीरे-धीरे घटने लगा है। हालांकि यह अभी भी खतरे के निशान से 74 सेंटीमीटर ऊपर है। बाढ़ की विभीषिका से जनपद के तटवर्ती इलाकों में स्थित एक दर्जन से ज्यादा गांव चपेट में है और प्रभावित परिवारों ने बंधे और अस्थाई शिविरों में शरण ले रखा है। कोरोना …
अयोध्या, अमृत विचार। उफनाई सरयू का आवेग धीरे-धीरे घटने लगा है। हालांकि यह अभी भी खतरे के निशान से 74 सेंटीमीटर ऊपर है। बाढ़ की विभीषिका से जनपद के तटवर्ती इलाकों में स्थित एक दर्जन से ज्यादा गांव चपेट में है और प्रभावित परिवारों ने बंधे और अस्थाई शिविरों में शरण ले रखा है। कोरोना महामारी के बीच मानसून सीजन की इस आपदा से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित गांवों को अपने राडार पर लिया है।
जनपद तथा आसपास के जिलों में भले ही जमकर बरसात नहीं हो रही हो लेकिन पहाड़ों पर हो रही लगातार बरसात के चलते पड़ोसी देश नेपाल की ओर से छोड़े गए पानी के चलते सरयू नदी के तटवर्ती इलाके बाढ़ की विभीषिका से जूझ रहे हैं। सैकड़ों एकड़ फसलें जलमग्न हो गई हैं और एक दर्जन से ज्यादा गांवों में रहने वाले परिवारों को पशुओं समेत अस्थाई शिविरों में शरण लेने को बाध्य होना पड़ा है।
उधर सरयू के जल स्तर में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है। मध्यरात्रि के बाद शुक्रवार को सुबह सात बजे तक सरयू का जल स्तर 93.450 पर स्थिर रहा। हलाकि इसके बाद प्रति घंटे एक सेंटीमीटर की बढ़ोतरी शुरु हुई और यह 11 बजे 93.490 मीटर पर जाकर स्थिर हुई। कई घंटों तक जलस्तर स्थिर रहने के बाद शनिवार को एक बार फिर से सरयू के आवेग में नरमी देखी गई और देर शाम केंद्रीय जल आयोग ने जल स्तर 93.470 मीटर रिकॉर्ड किया। जो खतरे के निशान से 74 सेंटीमीटर ऊपर है। जानकारों का कहना है कि जल स्तर में गिरावट से तटवर्ती इलाकों में कटान का खतरा बढ़ गया है।
केंद्रीय जल आयोग की ओर से बताया गया कि सरयू के जलस्तर में गिरावट दर्ज की जा रही है। देर शाम सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से 74 सेमी ऊपर 93.470 मीटर दर्ज किया गया है। जिसके रविवार सुबह तक 93.400 मीटर तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।
