बदायूं: एटीएम कार्ड बदलकर 20 मिनट में खाली कर देते थे बैंक खाता, दो गिरफ्तार
वजीरगंज निवासी व्यक्ति के एटीएम कार्ड से रुपये निकलने पर थाना पुलिस और एसओजी ने की थी जांच
वजीरगंज, अमृत विचार। थाना वजीरगंज पुलिस ने एटीएम बदलकर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का खुलासा किया है। गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से दो स्वाइप मशीन, अलग-अलग बैंकों के 16 एटीएम कार्ड, दिल्ली की गई कार, 450 ग्राम अफीम बरामद की है।
आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करते हुए जेल भेजा गया है। आरोपी एटीएम कार्ड बदलकर खाते से रुपये निकाल लेते हैं और 20 मिनट के भीतर बैंक खाता खाली कर देते हैं। साथ ही वजीरगंज क्षेत्र के व्यक्ति से ठगे गए 45 हजार रुपये भी लौटाए हैं।
गिरोह के दो सदस्य फरार हैं। जिनकी तलाश की जा रही है। बुधवार को एसएसपी डॉ. ओपी सिंह ने खुलासा किया। खुलासा करने वाली टीम को 15 हजार रुपये का इनाम दिया है। साथ ही गिरोह के अन्य सदस्यों को जल्द गिरफ्तार करने का निर्देश दिया है। खुलासा के दौरान एसपी देहात अजय प्रताप मौजूद रहे।
कस्बा वजीरगंज निवासी विकास 3 अप्रैल को एक बैंक के एटीएम से रुपये निकालने गए थे। गिरोह के सदस्याओं ने वहां उन्हें झांसे में लेकर उनका एटीएम कार्ड बदल दिया था। कार्ड का पिन भी जान लिया। जिसके बाद उनके एटीएम कार्ड से 45 हजार रुपये निकाल लिए थे।
विकास ने थाना वजीरगंज पुलिस से शिकायत की थी। प्रभारी निरीक्षक धनंजय कुमार पांडेय ने मौके पर पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज चेक की। जिसमें गिरोह के सदस्य और एक कार देखी। कार के नंबर के जांच की तो कार दिल्ली के सरिता बिहार क्षेत्र निवासी एक महिला की निकली। जो तीन महीने पहले चोरी हुई थी। एसएसपी ने एसओजी प्रभारी धर्वेंद्र सिंह से घटना का खुलासा करने का निर्देश दिया।
प्रभारी निरीक्षक और एसओजी टीम ने बीटीएस डाटा लिया। कई संदिग्ध मोबाइल नंबर सामने आए। सर्विलांस के माध्यम से पुलिस को लोकेशन मिली। पुलिस ने थाना वजीरगंज क्षेत्र के बनकोटा तिराहे के पास से गाजियाबाद के थाना नंदग्राम क्षेत्र के भजनपुरा निवासी अब्दुल वाहिद उर्फ बिट्टू पुत्र अब्दुल्ला और थाना बिनावर क्षेत्र के गांव सराय पुट्टी निवासी छोटे उर्फ वीरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया।
जबकि उनके साथी बरेली के थाना अलीगंज क्षेत्र के मोहल्ला शिवनगर निवासी अनिल चौहान और गांव इंचौर झुनानगर निवासी महेंद्र उर्फ राकेश मौके से फरार हो गए। आरोपियों के पास से ठगी करने के उपकरण के अलावा अफीम बरामद हुई है।
गिरोह का सरगना अब्दुल वाहिद दिल्ली का हिस्ट्रीशीटर है और अफीम पीता है। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्हें खुद भी पता नहीं है कि वह कितनी ठगी कर चुके हैं। उन्होंने बदायूं के अलावा बरेली, शाहजहांपुर, अमरोहा, हरदोई, मुरादाबाद, दिल्ली से लेकर कई जिलों में ठगी कर चुके हैं।
एटीएम बदलकर इस तरह करते थे ठगी
गिरोह के सदस्य एटीएम मशीन में भीतर या गेट पर खड़े रहते थे। किसी व्यक्ति के आने पर अगर उसे एटीएम कार्ड चलाने की ज्यादा जानकारी नहीं है तो उसकी मदद के बहाने एटीएम कार्ड लेते थे और एटीएम का पिन पता कर लेते थे।
रुपये न निकल पाने की वजह से व्यक्ति वहां से चला जाता था। जिसके तुरंत बाद गिरोह के सदस्य अपने पास मौजूद स्वाइप मशीन से कार्ड को स्वाइप करते थे। खाते के सभी रुपये निकालकर गाजियाबाद के एक बैंक खाते में स्थानांतरित कर देते थे। वहां बैठा व्यक्ति तुरंत उस खाते से पूरी धनराशि निकाल लेता था। रुपये आपस में बांट लेते थे।
बैंक खातों से लेकर सबकुछ फर्जी
एटीएम बदलकर खातों से रुपये गायब करने के बहुत से मामले सामने आते हैं। इस मामले में भी एसओजी और थाना वजीरगंज पुलिस गहराई तक गई। पुलिस ने स्वाइप मशीन के पंजीकरण की जानकारी की। जो दिल्ली के फिरोज नाम के व्यक्ति का था। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि स्वाइप मशीन में लगाया गया आधार कार्ड पर फोटो किसी और का है। फर्जी आइडी पर ली गई हैं। ठगी करने के बाद जिस खाते में रुपये भेजे जाते हैं वह खाता भी फर्जी नाम व पते पर खुलवाया गया है। उसमें लगाया गया आधार कार्ड तक फर्जी है। ठगी में प्रयोग होने वाली कार भी चोरी की है।
जेल में हुई थी सरगना से मुलाकात
पुलिस की पूछताछ में सरगना दिल्ली के हिस्ट्रीशीटर अब्दुल वाहिद ने बताया कि वह चोरी, लूट और हत्या के मामले में दिल्ली के रोहिणी की जेल में बंद था। जहां उसकी मुलाकात लूट के मामले में बंद अनिल चौहान से हुई थी। अनिल के माध्यम से ही महेंद्र और छोटे उर्फ वीरेंद्र से मुलाकात हुई। गिरफ्तारी के दौरान भी वह अपना नाम, पता गलत बताते थे। वह लोग पहले गाड़ियां चोरी करने का काम करते थे लेकिन बाद में एटीएम बदलकर ठगी और मादक पदार्थों की तस्करी करने लगे।
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