पीलीभीत: जेल में बंद सजायाफ्ता गैंगस्टर की मौत, परिजन बोले- हत्या हुई...भाई ने सब कुछ बताया, देखें वीडियो

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Edited By Amrit Vichar
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पीलीभीत, अमृत विचार। गैंगस्टर एक्ट में पांच साल की सजा होने के बाद से जेल में बंद कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। अचानक हालत बिगड़ने पर उसे जेल से जिला अस्पताल भेजा गया था। इसकी सूचना मिलने पर पहुंचे परिवार के सदस्यों ने गलत इंजेक्शन देकर हत्या करने का संगीन आरोप लगाया। पत्नी की ओर से डीएम से शिकायत की गई है। फिलहाल, पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेज दिया है। 

बिलसंडा थाना क्षेत्र के ग्राम पसियापुर के रहने वाले सतेंद्र उर्फ लल्ला (45) पुत्र जंग बहादुर सिंह को गैंगस्टर एक्ट में पांच साल की सजा हुई थी। जिसके बाद वह 31 अक्टूबर 2022 से जिला कारागार में बंद थे। इसी मामले में उसका बड़ा भाई राजवीर सिंह भी जेल में बंद है। गुरुवार देर शाम उसकी तबियत बिगड़ने पर जेल प्रशासन ने उसे एंबुलेंस से जिला अस्पताल भिजवाया। जहां चिकित्सकों ने चेकअप के बाद मृत घोषित कर दिया। 

इसकी सूचना परिवार के सदस्यों को दी गई। जिसके बाद परिवार वाले भी आ गए। शुक्रवार को शव को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस दौरान परिजन ने जेल प्रशासन पर कैदी की हत्या करने का आरोप लगा दिया। पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद परिजन ने बताया कि सतेंद्र को एक फोड़ा था। जिसका जेल के अस्पताल में ठीक से इलाज नहीं हो पा रहा था। एक दिन पूर्व जेल में डीएम के पहुंचने की चर्चाएं चल रही थी। इस पर सतेंद्र ने जेल के अधिकारियों के सामने जाकर कह दिया कि वह डीएम के आने पर शिकायत करेगा कि उसे ठीक से दवा नहीं मिल पा रही है। आरोप है कि इसी बात पर उसे चुप कराने के लिए जेल अस्पताल के स्टाफ से एक-एक कर पांच इंजेक्शन लगा दिए। उस वक्त वह बेहोश हो गया और फिर लगातार हालत बिगड़ती चली गई। गलत इंजेक्शन लगाकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। 

उन्होंने बताया कि जेल में बंद सतेंद्र के बड़े भाई राजवीर शुक्रवार को पेशी पर आए थे। उससे पहले सुबह जेल के पीसीओ से परिजन से हुई बातचीत में उन्होंने पूरी जानकारी दी। मृतक की पत्नी रानी देवी ने जिलाधिकारी को एक शिकायती पत्र भी भेजा है। जिसमें मामले की उच्च स्तरीय जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है। उधर, जेल प्रशासन लगाए गए आरोपों को गलत बता रहा है। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पंचनामा भरने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई है। उधर, जेल के अधिकारियों ने कैदी की मौत को लेकर रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों और आयोग को भेज दी है।

परिजन बोले- दो दिन पहले हुई बात, बिल्कुल ठीक था सतेंद्र
मृतक के भाई सर्वेश कुमार सिंह ने बताया कि दो दिन पहले ही परिवार की सतेद्र से फोन पर बात हुई थी। उसका फोड़े का इलाज चल रहा था, लेकिन उसमें भी ऐसी दिक्कत नहीं थी कि जान चली जाए। फोन पर हुई बातचीत में भी वह ठीक था। किसी तरह की बीमारी से जुड़ी दिक्कत उसे नहीं थी। वह भी हत्या का आरोप लगाते रहे। उधर, परिवार में सतेंद्र की मौत के बाद चीखपुकार मची रही। सभी का रोकर बुरा हाल था। मृतक के दो पुत्र और दो पुत्री हैं।  

गैंगस्टर एक्ट के मामले में पांच साल की सजा होने पर सतेंद्र और उसका भाई राजवीर अक्टूबर 2022 में जेल भेजे गए थे।  सतेंद्र की तबियत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल भेजा गया, वहां उसकी मौत हो गई।  हत्या करने के आरोप पूरी तरह से निराधार हैं। - संजय कुमार राय, कार्यवाहक जेल अधीक्षक।

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