Kanpur: नाबालिग रईसजादे को बचाकर, ड्राइवर ने कार चलाना बताया, परिजनों में आक्रोश, पुलिस बोली- CCTV से हो रही जांच
कानपुर के नवाबगंज में हादसे में छात्रा की मौत से परिजनों में आक्रोश।
कानपुर के नवाबगंज में कार चालक ने स्कूली ई-रिक्शा में टक्कर मार दी। हादसे में एक छात्रा की मौत हो गई थी। जबकि ई-रिक्शा चालक समेत चार लोग घायल हो गए।
कानपुर, अमृत विचार। नवाबगंज थानाक्षेत्र के डॉल्फिन चौराहे पर हुए हादसे में गई छात्रा कल्पना निषाद की जान के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को बख्श दिया। हादसे के वक्त वहां मौजूद लोगों ने घटना का वीडियो वायरल करने के बाद सोशल मीडिया में वायरल कर दिया था। जिससे सभी इस स्थिति से तो वाकिफ हो गए तो कि कार को शहर के एक कारोबारी का नाबालिग रईसजादा पुत्र सीख रहा था।
हादसे के बाद घबराकर बाहर निकल तुरंत अपनी सीट पर ड्राइवर को बैठा दिया। जिसने भी पुलिस के सामने खुद के द्वारा हादसा हो जाने की बात कही। मुख्य आरोपी को बचाकर दूसरे आरोपी को दिखाए जाने पर परिजनों में आक्रोश व्याप्त है। डीसीपी ने इस मामले में सीसीटीवी फुटेज से जांच की बात कही है।
सहम गए घायल बच्चे :
1- पानी के प्लांट का काम करने वाले प्रमोद वर्मा का पुत्र सात्विक वर्मा का कहना था कि घर से ई-रिक्शे से 6.45 पर रोज की तरह निकले थे। अचानक डॉल्फिन चौराहे पर कार की टक्कर लगने से ई-रिक्शा पलट गया। वह लोग काफी दूर जाकर गिर पड़े। चालक के पीछे की सीट पर कल्पना बैठी थी। अगर वह सामने बैठी होती तो वह उसे बचा लेता। उसका घुटने और सिर पर चोटें आई हैं। घटना के काफी देर तक वह सहम सा गया।
2- पीडब्लयूडी में काम करने वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कमलेश कुमार का कहना था कि उनका बेटा कर्तव्य रोज की तरह हंसते-हंसते स्कूल गया था। जहां घर से जाने के बाद कुछ ही देर में स्कूल प्रबंधन ने घटना की जानकारी दी। जिससे वह लोग आनन-फानन भागे। वहां पहुंचने पर उनके बेटे को पैर व सिर में चोटें आईं हुईं थीं। काफी देर तक बेटा कर्तव्य दहशत में रहा। इस दौरान घटना की जानकारी पर परिजन परेशान हो गए।
3- अधिवक्ता अनूप कुमार की बेटी भाव्या हादसे में घायल हो गई थी। मां किरन के अनुसार उन लोगों को जैसे ही घटना की जानकारी हुई तो वह लोग बहुत परेशान हो गए। आनन-फानन स्कूल प्रबंधन को फोन मिलाकर जानकारी की गई। इसके बाद वह मौके पर पहुंची और बेटी को घायल देखकर राहत की सांस मिली। उन लोगों का कहना था कि भाव्या भी पिता बाहर गए हुए हैं। हादसे की जानकारी दी गई तो वह भी परेशान हो उठे।
4- अग्निहोत्र नगर के रहने वाले ई-रिक्शा चालक अमित सिंह के अनुसार वह पिछले वर्ष से इसी रूट से बच्चों को सावधानी पूर्वक ले जाता था। लेकिन कभी कोई हादसा नहीं हुआ। लेकिन सोमवार को नौसिखिए कार सवार ने सीखते सयम दर्दनाक हादसे को अंजाम दे दिया। जिससे उसे भी सिर, हाथ व पैर में गंभीर चोटें आईं हैं।
कार आगे न बढ़ाई होती तो बच जाती बच्ची की जान
हादसे के वक्त वहां मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि डॉल्फिन चौराहे पर कार की रफ्तार काफी तेज थी। कार ने ई-रिक्शा को टक्कर मारी जिससे वह पलट गया। रिक्शा पलटने से कल्पना जमीन पर गिर गई। कार चला रहा नाबालिग इसके बाद भी नहीं रुका। उसने बच्ची को रौंदते हुए कार को आगे बढ़ा दी। और भागने की ही कोशिश करने लगा। लोगों का कहना है कि हादसे के बाद अगर नाबालिग ने कार आगे नहीं बढ़ाई होती तो बच्ची की जान बच जाती। इस मामले में कर्नलगंज अकमल खान ने बताया कि इस बात पर भी जांच की जा रही है। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हेड इंजरी के साथ कोमा में जाने से मौत की पुष्टि हुई है।
