बरेली: वार्ड 38 के बाशिंदे मान चुके नारकीय जिंदगी है जीना, कूड़े का ढेर तो कहीं झूलते तार बने मुसीबत 

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बरेली, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश में हुए सर्वे में कहने को बरेली को स्मार्ट सिटी में पांचवां पायदान मिला है।लेकिन हालात की बात कही जाए तो कई वार्ड ऐसे हैं जहां के लोगों की जिंदगी नाकरीय है। हम बात कर रह हैं वार्ड 38 की, तो यहां स्मार्ट सिटी के दावे हवा-हवाई होते दिखाई देते हैं। विकास के नाम पर यहां कूड़े का पहाड़ उससे निकलने वाली बदबू यहां के लोगों की जिंदगी का एक हिस्सा बन गई है, जिसमें जीने को यह लोग मजबूर हैं।

निकाय चुनाव में इस बार फिर बाकरगंज में कूड़े का ढेर चुनावी मुद्दा बना हुआ है। यहां लंबे समय से नगर निगम का कूड़ा पड़ रहा है। जिस कारण कूड़े का पहाड़ बन गया है। हालांकि इसके निस्तारण का कार्य किया जा रहा है, लेकिन वह भी कछुआ चाल से। यहां रहने वाले लोगों ने बताया कि उन्हें अब उम्मीद नहीं है कि बाकरगंज में कूड़े के पहाड़ से लोगों को निजात मिल सकेगी। उन्होंने इसे अपनी जिंदगी का हिस्सा मान लिया है। 

बाकरंगज के महबूबनगर व अफसर नगर के लोगों का कहना है कि सड़क न पड़ने से बरसात के समय में रास्ते से निकलना मुश्किल होता है। लोगों ने पैसे एकत्र कर विद्युत के पोल न होने से बल्लियों पर तारों को लटका रखा है, इसको लेकर कई बार वह अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन समस्या का आज तक समाधान नहीं हुआ।

मौत हर समय उन लोगों के सिर पर मंडराती है। वहीं नालियां चोक होने से क्षेत्र में मच्छरों का आतंक है, जिस कारण उन लोगों की रातों की नींदे तक हराम है। वोट के समय नेता आते हैं और उन्हें सपने दिखा कर चले जाते हैं।

यह भी पढ़ें- बरेली पहुंचे डिप्टी CM बृजेश पाठक, कहा- कलेक्टर से कप्तान तक को पीट देते थे सपाई

संबंधित समाचार