रुद्रपुर: Software की मदद से छाप रहे थे 500 का नोट, बरामद हुए उपकरणों की होगी फॉरेंसिक जांच

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बीरेन्द्र बिष्ट, रुद्रपुर, अमृत विचार। ऊधमसिंह नगर पुलिस के हत्थे चढ़े नकली नोट बनाने वाले गिरोह के सदस्य 2000 के नकली नोट की जगह 500 के नकली नोट ही छापते थे। कारण गिरोह के सदस्यों को 500 का नोट छापने वाला सॉफ्टवेयर मिल गया था। इसके अलावा बाजार में ऑफर के माध्यम से ये नोट आसानी से बिक जाते थे। पुलिस ने बरामद हुए उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है।

एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने बताया कि आरोपियों ने अब तक प्रिंटिंग मशीन से कितने नोट छापे यह कह पाना मुश्किल है। इसके लिए फॉरेंसिक टीम को जांच के लिए उपकरणों को सौंप दिया है। उन्होंने बताया कि फॉरेंसिक जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि अब तक कितने नोट छपे हैं, कितने दिन से छाप रहे थे, कहां से मंगाकर सॉफ्टवेयर का यूज कर रहे थे, अब तक कितने नोटों को बेचा गया है और कितने नोट बाजार में खपाये हैं।

इसके अलावा नोट बनाने में कौन से इंक का प्रयोग करते थे इन सभी सवालों के जवाब मिल जाएंगे। इसके बाद ही सही जानकारी मिल पायेगी। उन्होंने बताया कि पकड़ा गया गिरोह का एक सदस्य बीबीए पास है। वहीं कंप्यूटर में सॉफ्टवेयर के माध्यम से नोटों की छपाई करता था।

फॉरेंसिक जांच में इन सब सवालों के जवाब मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि फॉरेंसिक जांच के बाद कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। इससे गिरोह के अन्य सदस्यों को पकड़ने में सफलता भी हाथ लग सकती है। हालांकि इस मामले में पूरे देश में पुलिस टीम सक्रियता से काम कर रही है। 

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