कानून राज पर मूड जानने निकले योगी 9 को Kanpur में, प्रधानमंत्री मोदी की कसौटी पर खरा उतरने की तैयारी

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कानून राज पर मूड जानने निकले योगी 9 को Kanpur में।

कानून राज पर मूड जानने निकले योगी 9 को Kanpur में। लोकसभा 2024 के लिए जमीन तैयार करने का योग। प्रधानमंत्री मोदी की कसौटी पर खरा उतरने की तैयारी।

कानपुर, [महेश शर्मा]। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कर्नाटक में प्रचार की व्यस्तता के बाद भी यूपी के नगरीय निकाय के चुनाव प्रचार की कमान अकेले दम पर संभाले हैं। प्रत्याशी भी उन्हीं के नाम पर वोट मांग रहे हैं। लोकसभा चुनाव 2024 से पहले वोटरों के मन की बात जानने की भाजपा की यह आखिरी कवायद है।

निकाय चुनाव में नागरिक समस्याओं के बजाय यूपी में कानून का राज का संदेश दिया जा रहा है। योगी के दूसरे शासनकाल में माफिया पर काबू की लाइन ली गयी है। प्रचार को निकल रहे अन्य नेता भी इसी लाइन पर जनता को समझा रहे हैं। जनता का मूड भाजपा की तरफ है, यह भांप लिया गया तो 2024 में इसी मुद्दे पर यूपी में भाजपा मैदान में दिख सकती है।

बीते 21 दिनों में चार बड़े माफियाओं का अंत हो चुका है। पुलिस की उपस्थिति में अतीक और अशरफ की हत्या ने तो जैसे निकाय चुनाव के एजेंडे को सेट कर दिया है। मतदान का पहला चरण पूरा हो चुका है। मतदान भले ही 52 फीसद हुआ हो पर दावा है कि पूत के पांव पालने में दिखने लगे हैं। यानी विजय लगभग तय है। कोई 4.23 करोड़ मतदाता लोकसभा चुनाव में यूपी का भाग्य तय करेंगे। इसीलिए इस चुनाव का 2024 के आलोक में आंकलन किया जा रहा है। दूसरे चरण में कानपुर नगर निगम महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ब्राह्मणों के गढ़ किदवईनगर में सभा करेंगे। 

सभी जिलों से माफियाओं की सूची मंगा ली गयी है। इनके खिलाफ कार्रवाई तय है। योगी के मंत्री भी अतीक और अशरफ की हत्या को पाप पुण्य, ईश्वरीय हस्तक्षेप जैसे जुमले का प्रयोग करके भयमुक्त समाज की बात कर रहे हैं। योगी के बयानों से संकेत मिलता है कि उनकी पार्टी भाजपा किस तरह दोस्ताना सरकारों के कार्यकाल में पनप रहे माफिया अब डरे सहमे हैं। इस मुद्दे से बड़ा कोई अन्य मुद्दा नहीं है। भाजपाइयों का मानना है कि सुरक्षित जनता योगी के राजनीतिक सपने को साकार करेगी।

वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कसौटी में खरा उतरने की तैयारी में है। यह उनकी अग्नि परीक्षा भी है। सांप्रदायिक तनाव के चर्चित कानपुर में सपा से भाजपा को कड़ी चुनौती मिल रही है। धर्म विशेष के लोगों को सूचीबद्ध किया जाने का सपा के आरोप का मुकाबला करने को सरकार तैयार है। वह कहते हैं कि हमारी सरकार मुसलमानों सहित सभी गरीबों की मुफ्त राशन और अन्य सरकारी योजनाओं में मदद करके उनकी मदद कर रही है। योगी की अपील संबंधी  वीडियो सोशल मीडिया पर खूब शेयर हो रहा है।

जो 'यूपी के मेरे भाइयों और बहनों, अब एक बड़े फैसले का समय आ गया है' से शुरू होती है। फिर वह कहते हैं कि याद रखिए अगर आप अभी चूके तो यूपी को बंगाल, केरल या कश्मीर बनने से कोई नहीं रोक पाएगा। आपका वोट हमारे शासन के लिए आशीर्वाद होना चाहिए और आपके सुरक्षित भविष्य की गारंटी होना चाहिए। कानपुर में भी बहस है कि अपराधियों का धर्म व जाति नहीं होती। योगी की इस चुनावी थ्योरी का विपक्ष विरोध करता है। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ की यह रणनीति कसौटी पर है। 

हरबार की तरह अबकी भी योगी ने निकाय चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत सहारनपुर से शुरू की और मुसलमानों को लेकर उनके तेवर नरम रहे। कानपुर में करीब 6 लाख मुस्लिम वोटर है। 11 पार्षद प्रत्याशी लड़ रहे हैं। नये वोट बैंक की तलाश में भाजपा की नजर मुसलमानों पर है। इनके नामों की पर्ची योगी को सभा से पहले दे दी जाएगी।

विश्लेषक कहते हैं कि भाजपा के लिए वह 2024 के चुनाव की जमीन तैयार करने में जुटे हैं। निकाय चुनाव से पहले विधानपरिषद मे एक मुस्लिम को भाजपा ने भेजा। भाजपा के ही लोग कहते हैं कि सिकंदर बख्त, आरिफ बेग, एजाज रिजवी, शीमा रिजवी, तनवीर हैदर उस्मानी के दौर की भाजपा का युग लौट रहा है।

कानपुर नगर निगम एक नज़र में
-कानपुर नगर निगम-

22.7 लाख मतदाता करेंगे वोट। 11 मई को नगर निगम के 110 वार्डों में कुल 22,17,517 वोटर अपना वोट डालेंगे। इनमें 11,84,210 पुरूष और 10,33,307 महिला वोटर होंगे। यानी कुल महिला वोटर 47 प्रतिशत है। साथ ही वार्डो में 562 मतदाता केंद्र और 1834 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। हर एक बूथ में 1550 मतदान डाले जाएंगे।

अबकी चुनौती बड़ी है

नगर निकाय चुनाव संख्या के लिहाज से बड़ा है। 760 नगर निकायों 14,684 पदों के लिए चुनाव है। 2017 के मुकाबले अबकी 108 नगर निकाय बढ़ गए हैं। 17 नगर निगम, 199 नगर पालिका परिषद, 544 नगर पंचायतें, और मतदाता भी 96 लाख बढ़ें हैं। 760 नगर निकाय में 205 पद ओबीसी, 288 पद महिला, 110 पद अनुसूचित जाति, दो जनजाति को आरक्षित हैं। 155 पद अनारक्षित हैं। कानपुर का एक पद मिलाकर मेयर के लिए छह पद महिलाओं के हैं।

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