जसपुर: निवारमुंडी में अतिक्रमण मामले को लेकर ग्रामीण आमने-सामने
भारतीय नारी रक्षा सेना के कार्यकर्ता 7वें दिन भी रहे धरने पर
नारी रक्षा सेना की मांग के खिलाफ ग्रामीण भी हुए लामबंद, दिया धरना
जसपुर, अमृत विचार। गांव निवारमुंडी में सरकारी भूमि पर हुए अतिक्रमण को हटाने की मांग करने वाले अतिक्रमणकारी आमने-सामने आ गये हैं।
जसपुर क्षेत्र के गांव निवारमुंडी में सरकारी भूमि पर हुए को हटाने की मांग को लेकर भारतीय नारी रक्षा सेना के कार्यकर्ताओं का धरना मंगलवार को 7वें दिन भी जारी रहा। मंगलवार को भारतीय नारी रक्षा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज सिंह प्रजापति, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिनेश कुमार मुखराम सिंह, ओम वती देवी, विद्या देवी अख्तियार अहमद व मंगल सिंह धरने पर बैठे।
एक ओर जहां भारतीय नारी रक्षा सेना के कार्यकर्ता सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर विगत 10 मई से एसडीएम कार्यालय परिसर में धरने पर बैठे हैं, वहीं सरकारी भूमि पर कथित तौर पर अतिक्रमण करने वाले लोग भी मंगलवार को महिलाओं के साथ एसडीएम कार्यालय परिसर में आ पहुंचे।
उन्होंने प्रशासन द्वारा उनके आशियाने तोड़े की तैयारी किये जाने के विरोध में धरना दिया और तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि गांव की बंजर भूमि के खसरा नम्बर 78, 79, 80, 81, 91, 94 व 106 में दर्ज है। जिस पर उनके पूर्वजों द्वारा 40-50 वर्ष के लम्बे अर्से पूर्व मकान बनाये गये थे। वे लोग उन्हीं में रहते चले आ रहे हैं। उनके बिजली व पानी के कनेक्शन हैं।
इसके बावजूद उक्त भूमि को सरकारी भूमि बताते हुए उस पर किये गये अतिक्रमण हटाने का आदेश पारित किया गया है जो कि गलत है। अगर उनके मकान तोड़े गये तो उन्हें भारी क्षति होगी। उन्होंने इस सम्बंध में जारी आदेश को निरस्त करने और पुनः जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।
धरने पर बैठने वालों में हरस्वरूप सिंह, उदयवीर सिंह, गिरधारी सिंह, शशि देवी, आशा देवी, मुन्नी देवी, सोमवती देवी, विमला देवी, वीर वती देवी, विमल कुमार, नरेश कुमार, रामराज सिंह, अजय कुमार, नितिन कुमार, भोगराम सिंह, भीम सिंह, राजेन्द्र सिंह, विशन सिंह, कृष्ण पाल सिंह, केहर सिंह, दीपा देवी नीतू हेमा मोहिनी पार्वती कृष्णा देवी, हरकली देवी, मिथलेश देवी, जयवती, निपेंदर सिंह आदि शामिल रहे।
18 मई को हटाया जाना है अतिक्रमण
प्रशासन द्वारा अतिक्रमण कारियों को नोटिस जारी कर 18 मई को गांव निवारमुंडी में अतिक्रमण हटाने की तिथि निर्धारित की गई है। अतिक्रमणकारियों में करीब 3 दर्जन लोग बताये गये हैं।
