हल्द्वानी: सरकारी नशा मुक्ति केंद्र को हस्तांतरित हुई इमारत
1.24 करोड़ की लागत से समाज कल्याण विभाग करेगा निर्माण
शासन को भेजी डीपीआर, बजट मिलते ही शुरू होगा कार्य
हल्द्वानी, अमृत विचार। हल्द्वानी के पांडेनवाड़ में एएनएम ट्रेनिंग सेंटर की तीन मंजिला बिल्डिंग में बनने वाले सरकारी नशा मुक्ति केंद्र के लिए स्वास्थ्य विभाग ने इमारत को समाज कल्याण विभाग को हस्तांतरित कर दिया है। सबकुछ ठीक रहा तो शासन से बजट मिलते ही इसका निर्माण शुरू हो जायेगा।
करीब 1.24 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला नशा मुक्ति केंद्र कुमाऊं का पहला सरकारी नशा मुक्ति केंद्र होगा, जिसमें 40 बेड की सुविधा होगी। इसका निर्माण समाज कल्याण विभाग करेगा। मार्च माह में स्वास्थ्य विभाग और समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने पांडेनवाड़ स्थित एएनएम ट्रेनिंग सेंटर का निरीक्षण किया था।
जिसमें इमारत को नशा मुक्ति केंद्र बनाने के लिए उपयुक्त पाया गया था। एएनएम ट्रेनिंग सेंटर बंद होने से इमारत लंबे समय से बदहाल पड़ी थी। नशा मुक्ति केंद्र बनाने के लिए इमारत की मरम्मत की जायेगी। इसके बाद ही उसमें नशा रोगियों के लिए उचित संसाधनों की व्यवस्था होगी। समाज कल्याण विभाग ने डीपीआर बनाकर शासन को भेज दी है। जिस पर मोहर लगने का इंतजार है। नशा मुक्ति केंद्र का संचालन कैसे और कौन करेगा, उस पर स्थिति फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाई है।
सीएम धामी की प्राथमिकता में है शामिल
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड को वर्ष 2025 तक ड्रग्स फ्री बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए उन्होंने कुमाऊं और गढ़वाल मंडल में एक-एक सरकारी नशा मुक्ति केंद्र बनाने की घोषणा की है। जिससे युवाओं में बढ़ती नशे की लत को रोका जा सके। सीएम की प्राथमिकता में शामिल इस प्रोजेक्ट पर तेजी से काम चल रहा है।
नशा मुक्ति केंद्र की डीपीआर शासन को भेजी गई है। इमारत विभाग को हस्तांतरित हो गई है। बजट जारी होते ही पेयजल निर्माण निगम कार्य शुरू कर देगा।
-दीपांकर घिल्ड़ियाल, जिला समाज कल्याण अधिकारी नैनीताल
