UP Roadways Bus: सफर के दौरान बीच रास्ते धोखा दे रहीं रोडवेज बसें, यात्रियों को उठानी पड़ रही भारी परेशानी

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ, अमृत विचार। राज्य सड़क परिवहन निगम के तहत चलने वाली रोडवेज की साधारण बसें बीच रास्ते धोखा दे रही हैं। भीषण गर्मी में सफर करना यात्रियों के लिए मुश्किल हो रहा है। बस कहां और किस समय खराब होकर बीच रास्ते में खड़ी हो जाए, कहना मुश्किल है। कुछ ऐसी ही स्थिति रोजाना देखने को मिल रही है। यात्रियों का आरोप है कि निगम प्रशासन यात्रियों को सुगम सफर की सुविधा देने में विफल साबित हो रहा है, उसके दावे हवा हवाई साबित हो रहे हैं।

नियम के मुताबिक रूट से आने के बाद बस मेंटीनेंस के लिए वर्कशाप में भेजी जाती है। यहां 20 से अधिक बिंदुओं पर बस की जांच कर उसे दुरुस्त करने के बाद चालक को ओके स्लिप दी जाती है। नियमानुसार ओके स्लिप के बाद ही बस रूट पर जानी चाहिए, लेकिन लखनऊ रीजन के किसी भी वर्कशाप में ओके स्लिप नहीं दी जा रही है।

नतीजा रोजाना करीब 15 से 20 बसें बीच रास्ते खराब हो रही हैं। खासकर गोण्डा, बलरामपुर, हरदोई, बहराइच जाने वाली बसें बीच रास्ते दम तोड़ रही हैं जो यात्रियों के लिए बड़ी मुसीबत है। बीच रास्ते में बस खराब होने का खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। खराब बस में सफर करने वाले यात्रियों को उक्त रूट की दूसरी बस में शिफ्ट करना पड़ता है। दूसरी बस पहले से ही भरी होने पर यात्रियों को बैठने को जगह नहीं मिलती।

वर्कशाप पर उठ रहे सवाल
यात्रा के दौरान बीच रास्ते में खराब हो रहीं बसों के मामले सामने आने से वर्कशाप पर सवाल उठ रहे हैं। चालकों का कहना है कि बसों को प्रॉपर रिपेयर नहीं होने के कारण ओके स्लिप नहीं दी जा रही है। जिस दिन से बसों को ओके स्लिप देनी शुरू कर दी जाएगी एक भी बस रूट पर खराब नहीं होगी। इसके अलावा कई चालक तो बसों में प्रयोग हो रहे स्पेयर पार्ट्स की गुणवत्ता पर ही सवाल उठा रहे हैं।

बस खड़ी रहती है रीजन में
मेंटीनेंस के अभाव में रीजन में रोजाना करीब 20 से 30 बसें वर्कशाप में खड़ी रहती हैं। ऑफ रोड इन बसों का भी विभाग को पैसेंजर टैक्स अदा करना पड़ता है। साथ ही, बस यूटिलाइजेशन और लोड फैक्टर के अलावा विभाग की आय भी प्रभावित होती है।

बीच रास्ते बसें खराब होने की शिकायत गंभीर विषय है। वर्कशाप में बसों की जांच होने के बाद ही बसें रूट पर भेजी जायेंगी। वर्कशाप की ओर से लापरवाही पर संबंधित अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यात्री सुविधा ही रोडवेज की प्राथमिकता है ...मनोज पुंडीर, आरएम लखनऊ रीजन।

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