Nainital News : प्लास्टिक जनित कूड़े पर हाईकोर्ट ने जतायी नाराजगी, सरकार ने रखा पक्ष
नैनीताल, अमृत विचार। उच्च न्यायालय ने प्लास्टिक जनित कूड़े को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए शुक्रवार को अहम निर्देश दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी व वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की खंडपीठ ने पूर्व में दिए गए आदेशों का पालन नहीं करने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की।
अदालत ने कहा कि सड़कों, नालों, जंगलों, निकायों में कूड़े के ढेर के ढेर लगे हैं, यह उन्होंने खुद देखा है और कर्मचारी स्वच्छता पर उदासीन हैं। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि आगामी 18 जून को आयोजित होने वाले स्वच्छता अभियान में सरकार भी शामिल हो।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की तरफ से मुख्य स्थायी अधिवक्ता सीएस रावत ने कहा कि राज्य सरकार ने कई क्षेत्रों में कूड़ा निस्तारण हेतु व्यापक अभियान चलाया है। 18 जून को व्यापक स्वच्छता अभियान में सरकार सहयोग करेगी। सरकार ने रुड़की व काशीपुर में पीसीबी के साथ मिलकर कई लोगो का चालान भी किया है। अधिवक्ता राजीव सिंह बिष्ट ने अदालत के समक्ष कहा कि सिक्किम की तर्ज पर राज्य में भी इसके लिए जागरूकता अभियान चलाया जाए, जिससे लोगों को इसका पता लग सके कि इससे पर्यावरण को कितना नुकसान होता है।
राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिवक्ता आदित्य प्रताप सिंह ने अदालत में कहा कि पर्यावरण की क्षति के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की नियमावली में गंदगी फैलाने वालों से प्रतिकर लेने का प्रावधान है परन्तु राज्य प्रदूषण बोर्ड को इसको लेने की अनुमति नहीं है। अगर उन्हें इसे लेने की अनुमति मिल जाती है तो इसका उपयोग पर्यावरण क्षति की भरपाई करने के लिए किया जा सकता है। जिस पर अदालत ने इस पर स्थिति स्पष्ट करने को केंद्र से कहा है।
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