धर्मेंद्र प्रधान ने अरविंद केजरीवाल पर ‘‘झूठ बेचने’’ का लगाया आरोप
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 2,000 रुपये के नोट चलन से बाहर करने के भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के फैसले को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आलोचना किए जाने के एक दिन बाद शनिवार को आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक पर ‘‘झूठ बेचने’’ का आरोप लगाया।
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आरबीआई ने 2,000 रुपये के नोट चलन से बाहर करने की शुक्रवार को घोषणा की थी। हालांकि, इस मूल्य के नोट बैंकों में जाकर 30 सितंबर तक जमा किए जा सकेंगे या बदले जा सकेंगे। आरबीआई ने एक बयान जारी कर कहा था कि अभी चलन में मौजूद 2,000 रुपये के नोट 30 सितंबर तक वैध मुद्रा बने रहेंगे। इसके साथ ही आरबीआई ने बैंकों से 2,000 रुपये का नोट देने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने को कहा है।
केजरीवाल ने इस कदम की आलोचना करते हुए ट्वीट किया था, ‘‘पहले बोला था कि 2,000 का नोट लाने से भ्रष्टाचार बंद होगा। अब बोल रहे हैं कि 2,000 का नोट बंद करने से भ्रष्टाचार खत्म होगा। हम इसीलिए कहते हैं कि प्रधानमंत्री पढ़ा-लिखा होना चाहिए। एक अनपढ़ प्रधानमंत्री को कोई कुछ भी बोल जाता है। उसे कुछ समझ नहीं आता है। भुगतना जनता को पड़ता है।’’
प्रधान ने केजरीवाल पर पलटवार करते हुए कहा कि 2,000 रुपये के नोट वैध मुद्रा बने हुए हैं। उन्होंने कहा,‘‘पढ़ा-लिखा मुख्यमंत्री एक बार फिर झूठ बेचने निकल पड़ा है।’’ प्रधान ने कहा, ‘‘कबीर जी ने सच ही कहा है-पोथी पढ़-पढ़ पंडित भया न कोय। शीशमहल में रहने वाले कट्टर भ्रष्टाचारियों की बौखलाहट स्वाभाविक है।’’
महल संबंधी टिप्पणी केजरीवाल के आवास की मरम्मत के लिए दिल्ली सरकार द्वारा कथित तौर पर किए गए अत्यधिक खर्च को लेकर विवाद के संदर्भ में की गई। उन्होंने कहा, ‘‘शराब घोटाले में ‘सरगना’ ने जितनी मेहनत की है, लगता है उस पर पानी फिर रहा है।’’
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