हल्द्वानी: बनभूलपुरा क्षेत्र में नहीं मिल रहा 100 परिवारों को पानी

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Edited By Amrit Vichar
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जल संस्थान के सहायक अभियंता को सौंपा ज्ञापन

स्थानीय लोगों ने लगाया ऑपरेटर पर पानी नहीं छोड़ने का आरोप

हल्द्वानी, अमृत विचार। बनभूलपुरा क्षेत्र में रहने वाले लगभग 100 परिवारों को पानी नहीं मिल रहा है। स्थानीय लोगों ने कहा कि जल संस्थान क्षेत्र की समस्या को दूर नहीं कर रहा है। लोगों ने शनिवार को जल संस्थान के एई रविंद्र सिंह के कार्यालय का घेराव किया।

स्थानीय निवासी इशरत सैयद अली ने आरोप लगाया कि जल संस्थान न तो जलापूर्ति कर रहा है और न ही वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर टैंकर भेज रहा है। उन्होंने कहा कि ट्यूबवेल ऑपरेटर पानी नहीं छोड़ता जिसे लेकर पूर्व में भी जल संस्थान के अधिकारियों से शिकायत की गई लेकिन समाधान नहीं किया गया।  

इस मौके पर  इशरत अली, गुड्डु खान,  अनीस इस्लाम, अयूब अली, अनिल सक्सेना, आरिफ सलमान  आदि लोगों ने जल संस्थान के सहायक अभियंता रविंद्र सिंह से मुलाकात की और जल्द ही समस्या का निस्तारण करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। एई रविंद्र सिंह ने बताया कि सरगम सिनेमा हॉल और तिकोनिया के जल संस्थान कार्यालय  के पास ट्यूबवेल खराब है।


इस क्षेत्र में ट्यूबवेल से पानी की आपूर्ति होती है। वर्तमान में लो वोल्टेज के कारण पानी की आपूर्ति बाधित हो रही है। समाधान के लिए क्षेत्र में रोस्टर के अनुसार पानी दिया जाएगा। मांग करने पर टैंकर भेजा जाएगा। - रविंद्र सिंह, सहायक अभियंता, जल संस्थान


लो वोल्टेज के कारण फुंक रही हैं ट्यूबवेल की मोटर

एई रविंद्र सिंह ने बताया कि ट्यूबवेल के मोटर को सुचारू रूप से काम करने के लिए सामान्य वोल्टेज 390 से 440 वोल्ट  होनी चाहिए। 360 वोल्ट से कम होने पर मोटर फूंक जाएगी। उन्होंने बताया कि गर्मियों में एसी, कूलर और अन्य इलेक्ट्रिक उपकरणों के अधिक उपयोग से लोड बढ़ जाता है जिस कारण कई बार वोल्टेज लो हो जाती है।  

बताया कि बरसात के बाद लोड कम होने पर लो वोल्टेज की समस्या दूर हो जाएगी। बीते दिनों लो वोल्टेज के कारण रामपुर रोड स्थित सरगम सिनेमा के पास, जल संस्थान कार्यालय, तिकोनिया, राजपुरा, तल्ली बमौरी खाम, डहरिया, मानपुर पश्चिम, ऊंचापुल सहित अन्य स्थानों पर ट्यूबवेल की मोटर फुंकी। एई ने बताया कि सरगम सिनेमा के पास स्थित ट्यूबवेल की मोटर 100 हॉर्स पॉवर की है जिसे 2.5 साल से अधिक हो गया है। 

2022 - 23 वित्तीय वर्ष में मोटर रिपेयर करने में लगभग 1.10 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं जो कि चिंताजनक है। इतनी बड़ी धनराशि मोटर रिपेयरिंग में ही खर्च की जाए तो जल संस्थान की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना लाजिमी है।

 

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