हरदोई : आत्महत्या के लिए मजबूर करने पर पति को मिली पांच साल की सजा
हरदोई, अमृत विचार। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश भगीरथ वर्मा ने दहेज उत्पीड़न व हत्या से सम्बंधित मुकदमे में वादविचारण के बाद मृतका के पति अभियुक्त प्रमोद को आत्महत्या के लिए बाध्य करने का दोषी मानते हुए बीस हजार रुपये के अर्थदंड के साथ पाँच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष की ओर से मुकदमे की पैरवी कर रहे शासकीयअधिवक्ता चन्दन सिंह के अनुसार थाना कोतवाली शहर के ग्राम फरदापुर निवासी रामनरायन की पुत्री अनीता की शादी 7 वर्ष पहले थाना लोनार क्षेत्र के ग्राम उदयपुर निवासी अभियुक्त प्रमोद पुत्र सुन्दरलाल के साथ हुई थी। अभियुक्त के खिलाफ आरोप लगाया गया कि विवाह के बाद अतिरिक्त दहेज की माँग को लेकर अनीता को प्रताड़ित किया जाता था और इसी के चलते 24 नवम्बर 2018 को उसकी हत्या कर दी गई। वादविचारण के बाद न्यायाधीश ने अभियुक्त को दहेज उत्पीड़न व हत्या के आरोपों से दोषमुक्त करते हुए उसे भारतीय दंड संहिता की धारा 306 के अंतर्गत पाँच वर्ष के कारावास व बीस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा दी। न्यायाधीश ने अर्थदंड में से आधी धनराशि मृतका के विधिक उत्तराधिकारी को दिए जाने का भी आदेश दिया है।
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