बरेली: एचआरपी डे पर भटकती रहीं गर्भवती, अल्ट्रासाउंड पर लटका ताला
हर माह जिला महिला अस्पताल में मनाया जाता है उच्च जोखिम गर्भावस्था दिवस
बरेली, अमृत विचार। सुरक्षित मातृत्व योजना के तहत जिले के सरकारी अस्पतालों में हर माह की 9 और 24 तारीख को एचआरपी दिवस यानि उच्च जोखिम गर्भावस्था दिवस मनाया जाता है। जिला महिला अस्पताल में बुधवार को एचआरपी दिवस के मौके पर ओपीडी में शिविर लगाया।
शिविर में गर्भवती की खून से संबंधित समस्त जांचें तो की गईं लेकिन अल्ट्रासाउंड की जांच नहीं की गई, जिससे उन्हें भटकना पड़ा। जांच इसलिए नहीं हुईं क्योंकि यहां तैनात रेडियोलॉजिस्ट अवकाश पर थे जिसके चलते अल्ट्रासाउंड कक्ष पर ताला लटका था। जबकि शासन का आदेश है कि एचआरपी श्रेणी के मरीजों की सभी जांचें इस दिवस पर होना अनिवार्य है।
60 से अधिक महिलाओं की हुई जांच
विभागीय कर्मचारियों के अनुसार शिविर में उच्च जोखिम गर्भावस्था की श्रेणी में आने वाली 60 से अधिक महिलाएं जांच के लिए पहुंचीं। डॉक्टरों ने उनकी जांच कर परामर्श दिया। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी महिलाओं की खून की जांच सहित हेपेटाइटिस, ब्लड शुगर, यूरिन, एड्स, बुखार, हीमोग्लोबिन जैसी जांच की गईं।
एचआरपी दिवस का उद्देश्य
-गर्भवती का पंजीकरण बढ़ाना।
-गर्भवतियों के स्वास्थ्य, पोषण की जांच और सेवाएं उपलब्ध कराना।
-सभी गर्भवतियों से संपर्क स्थापित कर संस्थागत प्रसव में वृद्धि लाना।
-ग्राम स्वास्थ्य पोषण दिवसों में मातृ एवं बाल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करना।
एक रेडियोलॉजिस्ट होने से पूर्व से ही व्यवस्था प्रभावित हो रही है। कई बार सीएमओ और शासन को पत्र लिखकर एक अन्य रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती की मांग की गई है---डॉ. पुष्पलता शमी, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल।
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