Kanpur News : फुटपाथ पर लगी बुरी नजर, सड़क पर हांफती जिंदगी, चौतरफा अतिक्रमण से बदली शहर की तस्वीर

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर में अतिक्रमण से सिकुड़ी शहर की सड़कें।

कानपुर में अतिक्रमण से शहर की सड़कें सिकुड़ी। चौतरफा अतिक्रमण से शहर की तस्वीर बदली। बाजार वाले इलाकों में तो जाम आम हो गया।

कानपुर, अमृत विचार। स्मार्ट सिटी की बेहतर जिंदगी जीने का ख्वाब पाले कनपुरिये शहर की सड़कों पर सिसकियां ले रहे हैं। शहर की सड़कों के फुटपाथ पर अतिक्रमणकारियों की बुरी नजर लग गई है। फुटपाथ गायब होने से सड़कें भी संकरी नजर आती हैं, जिससे शहरी जिंदगी हांफ रही है। एक तो सड़कों पर अतिक्रमण, ऊपर से वाहनों की बेढंगी चाल कोढ़ में खाज बन गई है।

यातायात व्यवस्था का अनुपालन न करना और जहां मर्जी उधर वाहन दौड़ाना सब पर भारी पड़ रहा है। शहर की सड़क और यातायात व्यवस्था को लेकर न तो प्रशासन गंभीर है और न ही नगर निगम को कोई फिक्र है। यही वजह है कि शहर हर रोज जाम से झाम से जूझ रहा है और हादसों की रफ्तार भी बढ़ रही है।

अतिक्रमण से सिकुड़ी शहर की सड़कें 

शहर में अतिक्रमण से फुटपाथ तो छोड़िए, सड़कें भी संकरी हो गई हैं। मुख्य मार्गों पर फैले अतिक्रमण से जिंदगी सिसकियां ले रही है। शहर का कोई भी ऐसा इलाका नहीं है, जहां सड़क अतिक्रमण से अछूती हो। इस अतिक्रमण पर न तो प्रशासन का कोई ध्यान है और न ही नगर निगम को इसकी फिक्र है। कभी-कभार अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया जाता है, मगर कुछ दिन बाद हालात जस के तस हो जाते हैं। 

शहर के हर चौराहे और सड़क पर अतिक्रमण हावी है। कहीं दुकानदारों ने फुटपाथ तक दुकानें सजा रखी हैं तो कहीं ठेलिया वाले कब्जा जमाए रहते हैं। आर्यनगर, सीसामऊ, नवीन मार्केट, गुमटी, मूलगंज, मेस्टन रोड, गोविंद नगर, कर्रही, घंटाघर, लालबंगला आदि इलाके शहर के प्रमुख बाजारों में शुमार हैं। इन क्षेत्रों में बढ़ती अव्यवस्था और मनमानी से मुसीबत का नया बाजार तैयार हो गया है। सड़कों के फुटपाथ अतिक्रमण और अवैध पार्किंग से गायब हो गए हैं। इन क्षेत्रों की सड़कों पर दिन भर जाम लगना आम बात हो चुकी है। 

शहर के इन प्रमुख बाजारों में अकेले शहरी ही नहीं, आसपास के जनपदों के दुकानदार और आम लोग खरीदारी के लिए आते हैं। सड़कों पर दिन भर भीड़ नजर आती है। फुटपाथ गायब होने से जाम का झाम झेलना पड़ता है। इसकी मुख्य वजह अतिक्रमण और अवैध पार्किंग है। हालत यह है कि एक किलोमीटर दूरी तय करने में वाहन चालकों को आधे घंटे से भी ज्यादा का समय लग जाता है। यही हाल शिवाला, जनरलगंज, नयागंज, हालसी रोड, हटिया, नई सड़क, परेड, बेकनगंज, बिरहाना रोड के बाजारों का है। 

कोढ़ में खाज बने तिपहिया वाहन

शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में तिपहिया वाहन कोढ़ में खाज बन गए हैं। शहर के प्रमुख चौराहों पर यातायात पुलिस तैनात रहती है, मगर ऑटो, टेंपो व ई-रिक्शा चालक अराजकता करते हैं। जहां मन हुआ, वहीं ब्रेक लगाकर खड़े हो गए। अगर किसी ने एतराज जताया तो लड़ने में भी आमादा हो जाते हैं। इन पर अंकुश लगाने वाला कोई नहीं है। 

फुटपाथ पर अस्थाई दुकानें

शहर के तमाम ऐसे इलाके हैं, जहां फुटपाथ पर अस्थाई दुकानें काबिज हैं। परेड में फुटपाथ पर सजे बाजार से हर कोई वाकिफ है। दक्षिण में साकेत नगर फल मंडी तो फुटपाथ पर ही सजी है। अस्थाई दुकानों के साथ ठेलिया वालों ने भी कब्जा कर रखा है। इनकी वजह से हमेशा जाम लगा रहता है, मगर नगर निगम और यातायात पुलिस इस तऱफ कतई गंभीर नहीं है।

इन चौराहों पर अतिक्रमण 

रामादेवी, रावतपुर, यशोदानगर, नौबस्ता, बर्रा, नरौना, कल्याणपुर, जरीब चौकी, विजय नगर, सीटीआई, सीसामऊ, पीरोड के चौराहे अतिक्रमण से घिरे हैं। यह अतिक्रमण हर किसी के लिए मुसीबत बन गया है, मगर जिला प्रशासन कतई गंभीर नहीं है। इसका खामियाजा वाहन सवारों को भुगतना पड़ता है। जाम के दौरान अक्सर वाहनों के आगे-पीछे ठोकने से झगड़े भी होते हैं।

हादसों पर एक नजर 

- टाटमिल चौराहे पर ई-बस से हादसे में 6 लोगों की मौत हुई थी। 
- टाटमिल चौराहे पर ई-बस से दुर्घटना में 9 लोग घायल हुए थे। 
- रामादेवी चौराहे पर ट्रक ने बाइक सवार युवक को रौंदा दिया था। 
- रामादेवी चौराहे पर ट्रक ने पैदल यात्री को रौंद दिया था। 
- नौबस्ता चौराहे पर छह माह पूर्व ट्रक ने महिला को रौंद दिया था। 
- कल्याणपुर में ट्रक ने बाइक सवार शिक्षिका को रौंद दिया था। 
- नरौना चौराहे पर कुछ माह पूर्व ट्रक ने मां व बेटे को रौंद दिया था।

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