रुद्रपुर: फर्जी आय प्रमाण पत्र लगाकर लाभ लेने पर 2 के खिलाफ रिपोर्ट
रुद्रपुर, अमृत विचार। प्रदेश सरकार की नंदा गौरा योजना में फर्जी आय प्रमाण पत्र लगाकर लाभ पाने वालों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट दर्ज करनी शुरू कर दी है। जिसको लेकर सीडीपीओ ने एसएसपी को पत्र लिखकर लाभार्थियों की सूची मुहैया कराई थी।
जिसके बाद पुलिस ने अब अपात्र अभिभावकों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। बताते चलें कि 1 अप्रैल को बाल विकास परियोजना अधिकारी ग्रामीण ने एसएसपी को खत लिखकर अवगत कराया था कि प्रदेश सरकार की नंदा गौरा योजना में अपात्र अभिभावकों ने फर्जी आय प्रमाण पत्र लगाकर योजना का लाभ प्राप्त किया है। जब इस प्रकरण की तहसीलदार नीतू डागर द्वारा पड़ताल की गई तो जिले में कई लोगों ने फर्जी आय प्रमाण पत्र बनवाया गया था।
सीडीपीओ के शिकायती पत्र एवं सूची मुहैया कराने के बाद तहसीलदार की ओर से कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। जिस पर पुलिस ने स्वास्तिक इंक्लेव फुलसुंगा रुद्रपुर निवासी त्रिलोक सिंह द्वारा आय प्रमाण पत्र जो कि 9 जनवरी 2023 को चौरासी हजार रुपये का तहसील द्वारा निर्गत किया गया था।
इसके अलावा प्रीत बिहार कॉलोनी निवासी सुशील कुमार चौहान का भी आय प्रमाण पत्र 27 सितंबर 2022 में एक लाख आठ हजार रुपये वार्षिक आय तहसील द्वारा निर्गत किया गया, जबकि आवेदनकर्ता के जब मूल आय प्रमाण पत्र की पड़ताल की गई तो पाया कि आवेदक ने कुटरचित तरीके से 48000 और एक लाख आठ हजार रुपये का आय प्रमाण पत्र फर्जी बनवाया है, जबकि उसकी वार्षिक आय नियमानुसार काफी ज्यादा है।
जो कि अपराधिक कृत्य है और पाया गया कि अपात्र दोनों व्यक्तियों ने फर्जी आय प्रमाण पत्र लगाकर नंदा गौरा योजना का लाभ प्राप्त किया है। पुलिस ने तहसीलदार की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। सीडीपीओ के शिकायती पत्र एवं तहसीलदार की तहरीर देने के बाद पुलिस ने आवेदनकर्ताओं पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
